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परीक्षा हुई नहीं फिर भी मा‍शिमं ने विद्यार्थियों से परीक्षा फीस के लिए तीन करोड़

जबलपुर। बोर्ड परीक्षा के नाम पर विद्यार्थियों से परीक्षा फार्म तो भरवाए लेकिन अब परीक्षा निरस्त हो चुकी है। ऐसे में विद्यार्थी परीक्षा नहीं होने की एवज में फीस वापस लेना चाह रहे हैं। आए दिन जिला शिक्षा विभाग के पास इस तरह की पूछताछ विद्यार्थी करने पहुंच रहे हैं। माशिमं ने करीब चार करोड़ की राशि सिर्फ जबलपुर जिले के छात्रों से ली है।

40 हजार छात्रों ने जमा किए पैसे : जानकारों के अनुसार जिले में करीब 40 हजार छात्र एमपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुए थे। इन छात्रों से माशिमं ने परीक्षा आवेदन फार्म के रूप में 970 रुपये लिए गए थे। यदि इसमें आरक्षित वर्ग को हटा दिया जाए तो इस लिहाज से जबलपुर से छात्रों ने 3 करोड़ रुपये सिर्फ परीक्षा आवेदन के लिए माशिमं के खाते में डाले। अब जब शासन ने परीक्षाएं रद कर दी तो फिर छात्रों द्वारा दी गई रकम को भी माशिमं को वापस किया जाना चाहिए। लेकिन इस राशि में माशिमं कुंडली मारकर बैठ गया है।

लाकडाउन में जैसे तैसे की व्यवस्था : इस बार लाकडाउन के चलते कई अभिभावकों के पास काम धंधा नहीं था। कई की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी। अभिभावकों ने जैसे तैसे फीस का बंदोबस्त किया। किसी घर में एक तो कहीं एक से अधिक बच्चों की फीस की व्यवस्था की गई। अब जब परीक्षा ही नहीं ली गई तो फिर फीस किस बात की। अभिभावक सुखलाल कोरी ने बताया कि वे मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। तीन माह तक काम-धंधा नहीं था बेटे के भविष्य को देख परीक्षा की फीस जमा की। परीक्षा नहीं हुई तो फीस भी वापस की जानी चाहिए। रमेश सोनी ने बताया कि वे डीईओ कार्यालय गए तो उन्हें माशिमं में जाने का कह दिया।

न प्रश्न पत्र छपे, न उत्तर पुस्तिकाएं : छात्रों से लिए जाने वाला परीक्षा शुल्क का उपयोग माशिमं प्रश्न पत्र निर्माण, उत्तरपुस्तिकाओं का निर्माण, परीक्षा सामग्री के परिवहन और परीक्षा ड्यूटी आदि लगाने में खर्च किया जाता है। जबकि इस बार जब यह कुछ नहीं हुआ न ही कोई राशि खर्च हुई है। एक अनुमान के मुताबिक माशिमं के खजाने में सवा अरब रुपये सिर्फ छात्रों से फीस के रूप में जमा करा लिए गए हैं। अशासकीय स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष दुलीचंद देवानी का कहना है कि संकट में बच्चों ने फीस का इंतजाम किया अब छात्र फीस की राशि मांग रहे हैं। इस संबंध में माशिमं से राहत देने की मांग की है।

कोविड के चलते छात्रों की सुरक्षा परीक्षाएं रद करनी पड़ी है। छात्रों की फीस वापस करने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इसका निर्णय मंडल को लेना है।

-इब्राहिम नंद, संभागीय अधिकारी माशिमं