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बिना बिल फैबिमैक्स सप्लाई का संदेह टीम ने न्यू आशी फार्मा किया सील

ग्वालियर। शहर प्रवेश और देशभर के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई होने वाली नकली फैविमैक्स टैबलेट के ग्वालियर में बिना बिल के भी सप्लाई होने की जानकारी सामने आई है। इसी संदेह में अब शहर के बड़े दवा कारोबारियों को निगरानी में लिया गया है। एक-एक करके पड़ताल की जाएगी कि दिल्ली से फैबिमैक्स के अलावा दूसरे ब्रांडों की फैविपाइराविर तो सप्लाई नहीं हुई। भोपाल से गठित औषधि निरीक्षकों की टीम ने शुक्रवार को शहर में हुजरात पुल स्थित न्यू आशी फार्मा पर छापा मारा। यहां महत्वपूर्ण दवाएं एंटीबायोटिक उचित तापमान पर नहीं रखीं मिली। अब रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। न्यू आशी फार्मा को सील कर दिया गया है। वहीं ग्वालियर के करीब 40 दुकानों पर फैविमैक्स टैबलेट की सप्लाई होना पता चली है। महाराष्ट्र ओडिशा में नकली फैबिमैक्स टैबलेट पकड़े जाने के बाद ग्वालियर में फर्जी कंपनी मैक्स रिलीफ केयर सोलन, हिमाचल प्रदेश की। 40 हजार 600 टैबलेट सप्लाई होने की जानकारी मिली थी। मेडीलायड कंपनी ने यह दवा इस कंपनी से तैयार कराई थी। और मेडीलायड की सीएंडएफ महादेव ज्ञात रहे मेडिकल के पास है। महादेव मेडिकल से पवन मेडिकल के जरिए दुकानों पर सप्लाई की गई। ग्वालियर जिले में अकेले करीब 15 हजार टैबलेट की से खपत हुई, जिसमें निजी अस्पतालों से लेकर मेडिकल स्टोर शामिल हैं। नकली. फैविमैक्स तैयार करने वाला मास्टरमाइंड सुदीप मुखर्जी इन दिनों मुंबई पुलिस की। हिरासत में है, जो ग्रेटर नोएडा में नकली दवा फैक्ट्री चलाता था। न्यू आशी फार्मा दुजरात पुल के संचालक महेंद्र वर्मा है। यहां कैंसर, किडनी, हाई एंटीवाडी और इंजेक्टेवल दवाएं बिना तापमान मेंटेन किए मिलीं। इस फार्मा पर गंभीर रोगों की दवा मिलती हैं और बड़ी सप्लाई है। और निरीक्षकों की टीम ने दवाओं की पूरी की और रिकॉर्ड की पड़ताल की। फर्मा पर फैविमैक्स टैबलेट सप्लाई ढूंढी जो नहीं मिली। विना विक यह दवा मंगवाने की आशंका पर भी की जा रही है। आरटीजीएस से हुआ था फैबिमैक्स का भुगतान पड़ताल में पता चला है कि महादेव मेडिकल के पास जिस मेडीलायड कंप की सीएंडएफ है उन्होंने आरटीजीएस से भुगतान किया था। आरटीजीएस से भुगतान रजिस्टर्ड फर्म पर ही होता है। मेडीलायड कंपनी ने खुद फैक्मैिक्स तै-नहीं की थी, इसे मैक्स रिलीफ केयर’ तैयार कराने का कांट्रेक्ट किया था।

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