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नारद मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को दी है चुनौती

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करेगा। उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट के नारद स्टिंग मामले में हलफनामा दाखिल करने के लिए इजाजत नहीं देने के आदेश को चुनौती दी है। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ आज ममता और पश्चिम बंगाल के कानून मंत्री मलय घटक द्वारा दायर अलग-अलग अपीलों पर सुनवाई करेगी।

कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा मामले में हलफनामा दायर करने की इजाजत देने से मना करने के बाद ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ममता बनर्जी को इस मामले में पक्षकार बनाया गया था जब सीबीआइ ने तृणमूल कांग्रेस के चार मंत्रियों को गिरफ्तार किया था और वह सीबीआई कार्यालय पहुंची थीं।

पिछले महीने, नारद घोटाले में टीएमसी के चार मंत्रियों – फिरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर सोवन चटर्जी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। मामला एक स्टिंग ऑपरेशन से संबंधित है, जिसे आमतौर पर नारद स्टिंग ऑपरेशन के रूप में जाना जाता है। इसमें ये पूर्व सरकारी कर्मचारी स्टिंन करने वाले शख्स सैमुअल से अवैध रूप से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हो गए थे।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह मलय घटक द्वारा दायर अपील पर 22 जून को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने 18 जून को कोलकाता हाईकोर्ट से अनुरोध किया था वह शीर्ष अदालत द्वारा आदेश के खिलाफ राज्य सरकार और घटक की याचिका पर विचार करने के एक दिन बाद मामले की सुनवाई करे।

9 जून को, कलकत्ता हाई कोर्च की पांच-जजों की पीठ ने नारद स्टिंग टेप मामले को विशेष सीबीआइ अदालत से उच्च न्यायालय में ट्रांसफर करने के लिए सीबीआई के आवेदन पर सुनवाई करते हुए कहा था कि वह चार नेताओं की गिरफ्तारी के दिन ममता बनर्जी और घटक की भूमिका को लेकर उनके द्वारा दायर हलफनामे पर विचार करने के बारे में बाद में फैसला करेगी।