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डेंगू से प्रभावी तरीके से निपटने अब जियो टैगिंग की लेंगे मदद

भिलाई। दुर्ग जिले में डेंगू पर नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति बनाई गई है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य डा. आलोक शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा की गई।

बैठक में यह तय किया गया कि जियो टैगिंग जैसी तकनीक के साथ ही परंपरागत तरीकों से डेंगू के रोकथाम के लिए कार्य किया जाएगा।

प्रमुख सचिव ने रविवार को डेंगू प्रभावित क्षेत्रों सेक्टर-4 के बाद छावनी का भी निरीक्षण किया तथा यहां पर उन्होंने लोगों से बातचीत की। कहा कि सजग रहकर डेंगू की रोकथाम की जा सकती है। इस दौरान एनआरएचएम एमडी डा प्रियंका शुक्ला, कलेक्टर डा सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, नगर निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी भी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव ने डेंगू के हाटस्पाट इलाकों में निगम अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया।

निगम अधिकारियों ने बताया कि यहां सतत रूप से फागिंग तथा टेमीफास आदि का वितरण किया जा रहा है इसके साथ ही कूलर आदि की जांच भी की की जा रही है।

कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि क्षेत्र में सघन मानिटरिंग की जा रही है ताकि डेंगू को पनपने से रोका जा सके। डा. शुक्ला ने बताया कि जियो टैगिंग जैसी तकनीक से हाटस्पाट में कार्य करना बेहतर होगा और इससे अधिकाधिक मरीजों की पहचान हो सकेगी। जिले को 40 हजार टेस्टिंग किट भी प्रदान किए जाएंगे। डा.आलोक शुक्ला ने जियो टैगिंग के द्वारा डेंगू मरीजों ेके स्पाट मैपिंग के निर्देश दिए।

इस तरह, तकनीक के इस्तेमाल से डेंगू रोकथाम की प्रभावी मानिटरिंग की जा सकेगी। डा. शुक्ला ने कहा कि हास्पिटल में भी डेंगू मरीजों के सर्वोत्तम इलाज पर सतत नजर रखें। प्लेटलेट्स आदि की त्वरित व्यवस्था के लिए सिस्टम प्रभावी रूप से कार्य करता रहे।