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केंद्र सरकार की योजना का कबाड़ा कर रहे समाज कल्याण विभाग के अफसर

बिलासपुर।केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में समाज कल्याण विभाग के अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। एक छोटी सी तकनीकी गड़बड़ी 14 महीने से नहीं सुधार पा रहे हैं। इसका खामियाजा जिले के दो बिल्हा व मस्तूरी ब्लाक के 332 गरीबों को कोरोना की पहली लहर से लेकर थमती नजर आ रही दूसरी लहर के बीच पेंशन नहीं मिल पाया है।

संक्रमण के इस दौर में जब सब तरफ से मदद के हाथ उठ रहे थे उस दौर में भी विभागीय अधिकारियों ने लापरवाही बरती। आलम ये कि ये गरीब आजतलक पेंशन के लिए भटक रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा बीपीएल के अलावा विधवा,परित्यक्ता,वृद्ध सहित असहाय लोगों को जिनके परिवार में कोई नहीं है और अकेले हैं। ऐसे लोगांे के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अन्य योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

योजना का लाभ पाने के लिए केंद्र सरकार की आर्थिक जनगणना सर्वे सूची में नाम होना जस्र्री है। इस योजना के तहत बिल्हा व मस्तूरी ब्लाक के अलग-अलग गांव के 332 हितग्राहियों के नाम को समाज कल्याण विभाग ने सूची में शामिल किया है। बीते 10 वर्षों से हितग्राहियों को प्रति महीने पेंशन मिल रहा है।

केंद्र सरकार ने योजना में बदलाव करते हुए अब हितग्राहियों के खाते में सीधे राशि जमा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए हितग्राहियों के यूआइडी (यूनिक आइडेंटिटी कोड नंबर) को उनके बैंक खाते में दर्ज करने की शर्त रख दी है। जिले के 332 हितग्राहियों के यूआइडी नंबर आजतलक बैंक खाते से लिंक ना होने के कारण राशि इनके खाते में जमा नहीं हो पा रही है। इसके चलते इनको दर-दर की ठोंकरें खानी पड़ रही है।

पहले ऐसी थी व्यवस्था

सामाजिक सुरक्षा पेंशनरों को प्रति महीने पेंशन देने के लिए जिला पंचायत के माध्यम से जनपद पंचायतों के खाते में राशि जमा कराई जाती थी। जनपद पंचायत द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में राशि जमा कराई जाती थी। ग्राम पंचायत अपने खाते से राशि निकालकर हितग्राहियों को नगद भुगतान करती थी। इसमें फर्जीवाड़ा जमकर होता था। शिकायत के बाद केंद्र सरकार ने हितग्राहियों के बैंक खाते में सीधे राशि जमा करने की व्यवस्था कर दी है। इसके लिए हितग्राहियों का यूआइडी कोड नंबर को अनिवार्य कर दिया है।

क्या कहते हैं हितग्राही

ग्राम नवागांव निवासी मंदाकिनी पांडेय बताती हैं कि बीते 14 महीने से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि नहीं मिली है। ग्राम पंचायत में जाने पर सचिव यूआइडी नंबर लिंक ना होने की बात कहते हैं। कब मिलेगा पूछने पर उनकी तरफ से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। कोरोना संक्रमणकाल में गांव से निकल नहीं रहे हैं। पंचायत सचिव भी मदद नहीं कर पा रहे हैं।

ग्राम चुमकवा निवासी पदमा बाई का कहना है कि 14 महीने से बैंक खाते में राशि जमा नहीं हुई है। ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव यूआइडी नंबर ना होने के कारण खाते में पैसा जमा ना होना बता रहे हैं। कोड नंबर कहां से लिंक होगा हमको नहीं पता। अब पेंशन की राशि मिलेगी भी या नहीं यह भी नहीं कह सकते। कोरोना संक्रमणकाल में हम लोग दाने-दाने के लिए तरस गए हैं।

इन्होंने कहा

सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को किस बात की दिक्कत हो रही है। अब तक हमारे संज्ञान में यह बात नहीं आई है। विभागीय अफसरों को तलब कर यूआइडी नंबर लिंक करने के संबंध में निर्देशित करेंगे। इनकी समस्या जल्द दूर होगी। योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ हर हाल में मिलेगा।

डा.सारांश मित्तर-कलेक्टर