Braz
ब्रेकिंग
ग्रीस में छुट्टियां मनाकर लौटे हार्दिक पांड्या फतेहाबाद में 2 शिकायतों के बाद सेंट्रल बैंक की जांच में खुलासा; हैड कैशियर पर FIR युवक की तलाश करने उतरे मछुआरे की मिली लाश 10 महीने बाद किसानों ने खोला मोर्चा, लखीमपुर बना ‘मिनी पंजाब’; केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी की मांग शहर में 10 घंटे रहेंगे शाह... सुरक्षा में तैनात रहेंगे 40 आईपीएस अफसर और 3000 जवान बिहार में मौसम विभाग का अलर्ट दवा के साथ न करें इन चीजों का सेवन सबरीमाला मंदिर का इतिहास भगवान श्रीकृष्ण की हर लीला भक्तों के मन को है लुभाती निजी क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा 2600 बेड का है अस्पताल, 64 आपरेशन थियेटर, 81 गंभीर बीमारियों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर करेंगे इलाज

10-12 वर्षो में शीर्ष तीन नौसैनिक शक्तियों में होगा भारत : राजनाथ सिंह

कारवार (कर्नाटक)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत यहां विकसित किए जा रहे नौसैनिक अड्डे को एशिया का सबसे बड़ा नौसैनिक अड्डा होना चाहिए। यदि जरूरत पड़ी तो इसके लिए वे बजट आवंटन बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का लक्ष्य अगले 10-12 वर्षो में दुनिया की शीर्ष तीन नौसैनिक शक्तियों में स्थान बनाना है।

राजनाथ ने कहा, प्रोजेक्ट सीबर्ड को देखने और समझने से पहले मेरे मन में इसको लेकर एक उत्सुकता थी। कारवार को नजदीक से देखकर मुझे काफी खुशी हो रही है और इस नौसैनिक अड्डे को लेकर मेरे आत्मविश्वास का स्तर बहुत बढ़ गया है।

नौसैनिक अधिकारियों और नाविकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, इस परियोजना के पूरा होने से न सिर्फ भारत की रक्षा तैयारी मजबूत होगी, बल्कि इससे कारोबार, अर्थव्यवस्था और भारत की ओर से दी जाने वाली मानवीय मदद के काम में भी गति आएगी

राजनाथ ने कहा, ऐसा कहा जा रहा है कि यह भारत का सबसे बड़ा नौसैनिक अड्डा होगा। लेकिन हमारी इच्छा है कि यह एशिया का सबसे बड़ा नौसैनिक अड्डा हो। यदि इसके लिए जरूरत पड़ी तो हम बजट आवंटन बढ़ाने का प्रयास करेंगे। नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह के साथ राजनाथ ने परियोजना क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस नौसैनिक अड्डे का भविष्य बहुत उज्ज्वल है और इसका सारा श्रेय अधिकारियों और नाविकों को जाता है।

Braz