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छत्तीसगढ़ में मनरेगा से जल संरक्षण

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए तालाबों का निर्माण व गहरीकरण, चेक डैम व स्टाप डैम का निर्माण और उसके जीर्णोद्धार में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी) योजना महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। नईदुनिया के तालाब बचाओ और जल संरक्षण अभियान के बाद राज्य शासन और प्रशासन भी सक्रिय हुआ। इसके बाद तालाबों और डैम के निर्माण तथा इसके संरक्षण के लिए मनरेगा के तहत लक्ष्य निर्धारित कर काम शुरू किया गया हैै।

प्रदेश में तालाब निर्माण और जल संरक्षण के लिए मनरेगा के तहत वर्ष 2020-21 में 1,639 तालाबों का निर्माण करवाया गया। वहीं 14,670 डबरी का भी निर्माण हुआ। इसके अलावा 5,049 तालाबों का गहरीकरण, 605 चेक डैम का निर्माण और 174 का जीर्णोद्धार करवाया गया। वहीं 2021-22 में अब तक 46 तालाबों का निर्माण, 252 डबरी का निर्माण, 203 तालाबों का गहरीकरण किया गया। इसके अलावा 345 चेक डैम का निर्माण, 119 स्टाप डैम का निर्माण और जीर्णोद्धार किया जा चुका है।

रायपुर जिले में 998 तालाबों गहरी और 177 तालाबों की पैचिंग करवाई गई है। वहीं दुर्ग जिले में 3,165 तालाब हैं। जिले में मनरेगा के तहत वर्ष 2020-21 में 15 नए तालाबों का निर्माण हुआ, जबकि 171 तालाबों का गहरीकरण किया गया। इसी तरह धमतरी जिले में 3,561 तालाब और 51 बड़े जलाशय हैं। जिले में मनरेगा केतहत वर्ष 2020-21 में चार हजार नए छोटे तालाबों का निर्माण किया गया, 500 तालाबों का गहरीकरण हुआ। राजनांदगांव जिले में तीन वर्ष पहले तक तालाबों की कुल संख्या 3200 के आसपास थी।

इनमें से 200 तालाब अनुपयोगी हो गए थे। मनरेगा के तहत 2020-21 में 980 तालाब और डबरी का निर्माण किया गया। 380 से अधिक तालाबों का गहरीकरण व सफाई की गई। इस समय जिले केग्रामीण क्षेत्रों में चार हजार तालाब हैं। इनमें करीब 800 छोटे तालाब यानी डबरी हैं। बस्तर जिले में 190 जलाशय हैं। मनरेगा केतहत इस साल जिले में 88 तालाबों की सफाई करवाई गई है।

वर्ष 2020 से अब तक 19 नए तालाब बनवाए गए हैं। नगर निगम क्षेत्र में पहले 13 तालाब थे। इनमें से सात अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। जिला बीजापुर में पहले 900 तालाब थे। मगर अब इसकी संख्या बढ़कर 2,200 हो गई है। मनरेगा के 200 तालाबों की साफ-सफाई और गहरीकरण किया गया। वहीं दंतेवाडा में 224 तालाबों का निर्माण, 62 का गहरीकरण, 695 डबरी तालाबों का निर्माण और 31 चेक डैम का निर्माण करवाया गया।

बिलासपुर जिले में 8,212 तालाब हैं। 315 तालाबों का गहरीकरण का उन्न्यन किया गया। इसी तरह जांजगीर जिले में 7, 253 तालाब हैं। इस वर्ष जिले में 97 और पिछले वर्ष 206 तालाबों का गहरीकरण हुआ था। हालांकि दर्जन भर निजी तालाबों का अस्तित्व समाप्त हो गया है।

कोरबा जिले में 412 ग्राम पंचायातों में 1,837 तालाब थे। जिला राजस्व रिकार्ड के अनुसार कोयला खदान क्षेत्र में आने 104 तालाबों का अस्तित्व समाप्त हो गया है। अब 1,733 तालाब शेष हैं। मनरेगा के तहत तालाबों का गहरीकरण प्रत्येक तीन साल के अंतराल में किया जाता है।

बीते वर्ष 164 तालाबों का गहरीकरण किया गया है। किसानों ने खेतों में जल स्तर को बढ़ावा देने के लिए रोजगार गारंटी से 472 डबरी का निर्माण किया है। सूरजपुर जिले में कुल 4,073 तालाब हैं। इनमें से इस वर्ष 260 तालाबों का गहरीकरण हुआ है। इसकेअतिरिक्त 3830 डबरी हैंं।