Braz
ब्रेकिंग
ग्रीस में छुट्टियां मनाकर लौटे हार्दिक पांड्या फतेहाबाद में 2 शिकायतों के बाद सेंट्रल बैंक की जांच में खुलासा; हैड कैशियर पर FIR युवक की तलाश करने उतरे मछुआरे की मिली लाश 10 महीने बाद किसानों ने खोला मोर्चा, लखीमपुर बना ‘मिनी पंजाब’; केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी की मांग शहर में 10 घंटे रहेंगे शाह... सुरक्षा में तैनात रहेंगे 40 आईपीएस अफसर और 3000 जवान बिहार में मौसम विभाग का अलर्ट दवा के साथ न करें इन चीजों का सेवन सबरीमाला मंदिर का इतिहास भगवान श्रीकृष्ण की हर लीला भक्तों के मन को है लुभाती निजी क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा 2600 बेड का है अस्पताल, 64 आपरेशन थियेटर, 81 गंभीर बीमारियों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर करेंगे इलाज

क्या कोरोना की तीसरी लहर भी दूसरी लहर की तरह हो सकती है गंभीर? जानें क्या कहती है स्टडी

एक अध्ययन में कहा गया है कि यदि कोविड-19 की तीसरी लहर आती है तो उसके दूसरी लहर की तरह गंभीर होने की आशंका नहीं है। इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईजेएमआर) में प्रकाशित गणितीय ‘मॉडलिंग’ विश्लेषण पर आधारित इस अध्ययन में रेखांकित किया गया है कि टीकाकरण के दायरे के विस्तार से कोरोना वायरस की तीसरी लहर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अध्ययन में ऐसे परिदृश्य की चर्चा की गयी है जिसमें 40 प्रतिशत आबादी ने दूसरी लहर के तीन महीनों के भीतर दोनों खुराक ले ली हैं। इसमें कहा गया है कि टीकाकरण का प्रभाव संक्रमण की गंभीरता को 60 प्रतिशत तक कम करने के लिए है।

अध्ययन के अनुसार इससे यह दिखता है कि संभावित तीसरी लहर के दौरान टीकाकरण गंभीरता को काफी हद तक कम कर सकता है। “भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर की संभाव्यता: गणितीय मॉडलिंग आधारित विश्लेषण” के लेखकों में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के संदीप मंडल, बलराम भार्गव और समीरन पांडा तथा इंपीरियल कॉलेज लंदन के निमलन अरिनामिनपति शामिल हैं। तीसरी लहर के संबंध में चार परिकल्पनाओं पर विचार करते हुए अध्ययन में कहा गया है, संक्रमण-आधारित प्रतिरक्षा क्षमता समय के साथ कम हो सकती है, पहले से संक्रमित हुए लोग पुन: संक्रमित हो सकते हैं, भले ही मौजूदा वायरस अपरिवर्तित रहे।

Braz