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नकली फैबिमैक्स मामले में कमेटी ने तय किए जांच के बिंदु

 ग्वालियर। नकली फैबिमैक्स टेबलेट की जांच के लिए कलेक्टर द्वारा गठित जांच कमेटी ने शुक्रवार को पहली बैठक की। बैठक में एसडीएम लश्कर अनिल बनवारिया, सीएसपी रत्नेश तोमर और ड्रग इंस्पेक्टर दिलीप अग्रवाल शामिल रहे। बैठक में टीम ने जांच के प्रारंभिक बिंदु तय किए। एसडीएम अनिल बनवारिया ने बताया कि इस मामले में उड़ीसा में हुई एफआइआर और मुंबई में मास्टरमाइंड सुदीप मुखर्जी पर हुई एफआइआर की कापी मंगाई जाएगी। इसके अलावा महादेव मेडिकल को मेडीलायड की सीएंडएफ कैसे मिली यह जांचा जाएगा।

गाैरतलब है कि उड़ीसा में नकली फैबिमैक्स मामले में हुई एफआइआर के बाद हुई जांच में पता चला था कि नकली टेबलेट की ग्वालियर में भी सप्लाई हुई है। इसके बाद औषधि निरीक्षक ने महादेव मेडिकल एजेंसी पर छापामार कार्रवाई की थी। साथ ही फैबिमैक्स टेबलेट काे जब्त किया गया था। वहीं जिन दुकानाें पर टेबलेट सप्लाई हुई थी, वहां से भी वापस मंगाई गई थी। अब इस मामले में जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ने जांच के बिंदु तय कर लिए हैं। जिसके आधार पर अब जांच शुरू की जाएगी। इसमें एजेंसी संचालक सहित अन्य लाेगाें के बयान भी लिए जाएंगे।

बजट ने अटकाया वायरस से लड़ने वाली एंटीबाडी पता लगाने वाला सर्वेः बजट के अभाव में सीरो सर्वे का काम स्वास्थ्य विभाग शुरू नहीं कर पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और मेडिकल कालेज द्वारा जिले में कोरोना वायरस से लड़ने वाली एंटीबाडी का पता लगाने के लिए सीरो सर्वे का काम शुरू करने के लिए भोपाल से अनुमति मांगी गई थी, जो मिल भी चुकी है। विभाग ने आठ दिन पहले सीरो सर्वे के लिए आठ लाख रुपये बजट का प्रस्ताव बनाकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को भेजा था, जो अभी तक मंजूर नहीं हुआ। इस कारण से सर्वे का काम शुरू नहीं हो पाया।स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनोज कौरव का कहना है कि बजट की उपलब्धता होने पर सीरो सर्वे का काम शुरू हो जाएगा।