भाजपा नेता व पूर्व सांसद मधुसूदन यादव को मिली बड़ी राहत

बिलासपुर। चिटफंड घोटाले में फंसे भाजपा नेता व पूर्व सांसद मधुसूदन यादव को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने इस मामले में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण पर रोक लगा दी है प्रदेश में हुए चिटफंड घोटाले को लेकर निवेशक संघ ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि अनमोल इंडिया चिटफंड कंपनी पूर्व मुख्यमंत्री के स्वजन का है। राजनांदगांव के तत्कालीन भाजपा सांसद मधुसूदन यादव इस चिटफंड कंपनी के स्टार प्रचारक थे। सांसद कंपनी के सम्मेलन व सेमिनार में जाते थे और अपने क्षेत्र के ग्रामीणों को कंपनी में निवेश करने की अपील करते थे।

याचिका में आरोप लगाया था कि पूर्व मुख्यमंत्री के स्वजन को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा किया जाता था। इसी तरह कई चिटफंड कंपनियों में सत्ताधारी दल के नेता, मंत्री व विधायकों के शामिल होने पर निवेशकों को फर्जी कंपनी पर भरोसा हो गया। याचिका में इन फर्जी कंपनियों को प्रचारित करने व निवेश करने की अपील करने वाले नेताओं को भी आरोपित बनाने की मांग की गई थी।

इस संबंध में निवेशकों ने राजनांगांव के थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके चलते पुलिस ने पूर्व सांसद मधुसूदन यादव के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था। अपने खिलाफ दर्ज प्रकरण को उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका आरोप था कि राजनीतिक षडयंत्र के तहत उन्हें इस मामले में फंसाया गया है।

जबकि चिटफंड कंपनी से उन्हें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने याचिका में दर्ज आपराधिक प्रकरण को निरस्त करने की मांग की है। इस प्रकरण की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय के अग्रवाल ने पूर्व सांसद मधुसूदन यादव को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण पर रोक लगा दी है।