ब्रेकिंग
Essay Help From Licensed Authors Come affrontare Nervosismo estremo मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज गांधी जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना 'महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना' के शुभारंभ महिला श्रमिक की मौत पर की खबर के बाद जागे परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस, नामली थाना क्षेत्र में की कार्रवाई AIIMS : ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर बैन अब तक 7 के शव बरामद, आईएएफ ने 2 चीता हेलीकॉप्टर किए तैनात, 8 लोगों का सफल रेस्क्यू क्या Pavitra Punia- Ejaz Khan ने  कर ली सगाई? दशहरे के दिन ही खुलता है रावण के इस मंदिर का द्वार खुद स्टार्ट किया पम्पिंग सेट, कहा- पशुओं में दूध की होती है वृद्धि हटाए गए कर्मियों को नौकरी देने की मांग, 19-20 को करेंगे भूख हड़ताल

जेएनयू शुरु करेगा मेडिकल कॉलेज, MD, MCH और Ph.D सहित इन कोर्सेस को मिली मंजूरी

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की अकादमिक परिषद ने स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज और एक मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी प्रदान कर दी। विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि मेडिकल स्कूल पीएचडी, एमडी-पीएचडी, एमडी, एमएस, डीएम, एमसीएच और एमबीबीएस पाठ्यक्रमों की पेशकश करेगा, जिसमें पारपंरिक दवाओं, आधुनिक औषधियों, मानविकी और सामाजिक विज्ञान से संबद्ध ज्ञान प्रणालियों पर जोर दिया जाएगा।

अकादमिक परिषद ने एनसीसी को इलेक्टिव क्रेडिट पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। बयान में कहा गया कि यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप है। इसके अलावा कई अन्य पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। जेएनयू के वायस चांसलर ने बताया कि यूनिवर्सिटी में अब एनसीसी की भी पढ़ाई होगी। यह एक फुलटाइम छह सेमेस्टर का प्रोग्राम होगा। इसमें थिअरी, प्रैक्टिकल और कैंप ट्रेनिंग शामिल होगी। वहीं, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चिट्ठी लिखकर यूनिवर्सिटी में फुल टाइम वीसी की नियुक्ति की मांग की है। पिछले सात माह से युनिवर्सिटी में वीसी का पद खाली है और इसे एक्टिंग वीसी के सहारे चलाया जा रहा है।

जेएनयू से मिली जानकारी के अनुसार स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस स्थापित करने की अनुमानित लागत 900 करोड़ आंकी गई है। वहीं स्कूल के अधीन संचालित होने वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 50 फीसदी पद वैज्ञानिकों के लिए रखे जाएंगे। अस्पताल में न्यूरोलॉजी, कॉडिर्योलॉजी, प्लॉमनोलॉजी, ऑगर्न ट्रांसप्लांट के साथ कही क्रिटिकल केयर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्कूल और अस्पताल परिसर स्थित 25 एकड़ जमीन  पर ही विकसित किया जाएगा।