सदन में फिर बठेना पर हंगामा, गर्भगृह में पहुंचे 13 भाजपा विधायक निलंबित, सदन की कार्यवाही स्थगित

रायपुर।  शून्यकाल में भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने पाटन के बठेना में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत का मामला उठाया। अग्रवाल ने कहा कि देश में ऐसी घटना नहीं हुई है, यह घटना बेहद लौमहर्षक है। इसपर स्थगन स्वीकार करके चर्चा होनी चाहिए। आसंदी ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष के विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया और गर्भगृह में घुस गए। अध्‍यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

शिवरतन शर्मा ने कहा कि भाजपा विधायक दल कल बठेना गया था। यह हत्या की घटना है, इसे आत्महत्या की घटना के रूप में तब्दील करने का प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन चुका है। हमने इस विषय पर स्थगन दिया है, इसे स्वीकार करके चर्चा कराएं।

विधायक नारायण चंदेल ने कहा कि यह घटना नए प्रकार की है। बेहद दुखद है, इसपर काम रोककर चर्चा होनी चाहिए। अजय चंद्राकर ने कहा कि नौ पन्ने का सुसाइड नोट परिवार के सदस्यों को पढ़ने नहीं दिया गया। मृतक के परिवार को किसी भी कार्रवाई से अवगत नहीं कराया जा रहा है।

मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। यह दुखद है कि बिना जांच के मृतक की चरित्र हत्या की जा रही है। मृतक परिवार में दो लड़कियां भी थी, उनके साथ दुष्कर्म की भी बड़ी आशंका है। इसकी जांच होनी चाहिए। विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा कि आत्महत्या की स्थिति नजर नहीं आती, हत्या को आत्महत्या रचने की योजना बनाई जा रही है।

पुन्नुलाल मोहले ने कहा कि अस्थियों के साथ लोहा भी मिला। ऐसा प्रतीत होता है कि बांधकर उसे चिता में जलाया गया। यह मामला बेहद गंभीर है। इसपर चर्चा होनी चाहिए। सौरभ सिंह ने कहा कि वर्दी का खौफ खत्म हो चुका है, ऐसी बड़ी घटना की पुनरावृत्ति को आमंत्रित किया जा रहा है। रजनीश कुमार ने कहा कि ऐसा नहीं लगता कि एक ही रस्सी से दो मृतक एक साथ आत्महत्या कर ले। मामला संदेहास्पद है।

डाक्‍टर रमन सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग इसे आत्महत्या मान कर चल रहे है। सुसाइडल नोट किसने लिखा यह पता नहीं, अगर इस विषय पर चर्चा होगी तो और भी तथ्य सामने आएंगे। छत्तीसगढ़ में ऐसी घटना कभी नहीं हुई।

ऐसी क्या परिस्थिति बन रही है कि किसान आत्महत्या के लिए विवश हैं। यह जानना जरूरी है।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि खुडमुड़ा की घटना में अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। क्या यही गढबो नवा छत्तीसगढ़ है? आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां आईं कि पूरा परिवार आत्महत्या कर ले? पूरे देश ने ऐसी घटना नहीं हुई होगी। उनके पास गाय नहीं थी कहां से इतना कंडा लाया गया। खुद का पैरा( भूसा) नहीं है, कहां से उन्हें जलाया गया? कई सवाल हैं? दलित परिवार का मामला है। विषय गंभीर है, नई संस्कृति को जन्म देने वाली घटना है।