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राजधानी रायपुर में धूमधाम से मनाई गई गुरु बालकदास की जयंती

रायपुर। गुरु घासीदास के द्वितीय सुपुत्र एवं उनके उत्तराधिकारी रहे महान प्रतापी राजा गुरु बालकदास की 220वीं जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। राजधानी में गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से मुख्य आयोजन न्यू राजेंद्र नगर में आयोजित हुआ जहां समाज के लोगों ने पवित्र जैतखाम व गुरुजी के छाया चित्र पर विशेष पूजा अर्चना व मंगल आरती कर उनके समाजोत्थान के अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया

समाज के लोगों ने हाथ जोड़कर स्तुति करते हुए गुरु के जयकारे लगाए तत्पश्चात पं. अंजोरदास बंजारे ने अपने कलाकारों के साथ मंगल भजन “गुरु ज्ञान के महिमा मां नहा लेगा.. की प्रस्तुति में गुरु की महिमा का बखान किया। वहीं, पंथी गीत कहे बाबा घासीदास सतनाम बोल पर समाज के लोग पूरे उमंग व उल्लास के साथ जमकर थिरके। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजश्री सद्भावना समिति की प्रदेश अध्यक्ष शकुन डहरिया ने कहा कि गुरु बालक दास जी किसी भी अन्याय व अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करते थे, उनके सामाजिक आंदोलन व वीरता से प्रभावित होकर अंग्रेज गवर्नर ने स्वर्ण जड़ित तलवार व हाथी भेंटकर उन्हें राजा की पदवी से नवाजा था।

अध्यक्षता कर रहे अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष के.पी. खण्डे ने कहा कि आज गांव- गांव में समाज को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए भंडारी, साटीदार, महंत, राजमंहत जैसे पद श्रृजित है वह गुरु बालकदास जी की ही देन है जिसके कारण समाज आज संगठित है। कार्यक्रम को वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जे.आर. सोनी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में सुंदरलाल जोगी, जीआर बाघमारे, चेतन चंदेल, प्रकाश बांधे, सुखनंदन बंजारे, कृपाराम चतुर्वेदी, डीडी भारती, मनीष कोसरिया, टिकेन्द्र बघेल, सनत गिलहरे, सरस्वती राघव, शशिबाला सोनकेवरे, अमरौतिन भतपहरी, अनीता भतपहरी, धनेश्वरी डांडे, जयलक्ष्मी कुर्रे, बहादुर बंजारे, आसाराम लहरें, भूपेंद्र बंजारे, अशोक कुर्रे,एस.आर. महिलांग, अजीत रात्रे, नरेश बंजारे, उबारन दास बंजारे, हीरालाल सायसेरा, मनमोहन कुर्रे ,शत्रुघन रात्रे, प्रेम लाल बघेल आदि उपस्थित थे।

इसी तरह रायपुर के डब्ल्यूआरएस रेलवे कॉलोनी में गुरु बालक दास जी की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के पदाधिकारीगण केपी खण्डे, डॉ. जेआर सोनी, सुंदरलाल जोगी, चेतन चंदेल, प्रकाश बांधे, टिकेंद्र बघेल, हीरालाल सायसेरा ने जैतखाम की पूजा अर्चना कर प्रांगण में खनन किए गए नए कुएं का पूजन भी किया।

इसमें महज 15 फीट में भरपूर पानी प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम के दौरान अकादमी के सभी पदाधिकारियों को प्रतीक चिह्न व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाज के बुधियार कोसले, सुनील भारद्वाज, छोटू मिरी, सरजू भारद्वाज, सुखदेव जांगड़े सहित बड़ी संख्या में समाज के रेलवे कर्मचारी व महिलाएं उपस्थित थीं।