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अवैध रेत उत्खनन के लिए ग्वालियर चंबल अंचल सुर्खियाें में रहता है, इससे पुलिस हाेती है बदनाम

ग्वालियर। डीजीपी विवेक जौहरी ने गुरुवार को पहली बार ग्वालियर और चंबल रेंज के पुलिस अधिकारियों के साथ दो घंटे बैठकर अपराधों की समीक्षा की। डीजीपी को पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जिलेवार अपराधों की स्थिति की जानकारी पुलिस अधीक्षकों ने दी। जिलों में किए जा रहे नवाचार के संबंध में डीजीपी को बताया। डीजीपी ने कहा कि वैसे तो दोनों रेंजों में सबकुछ ठीक चल रहा है। डीजीपी ने तीन बिंदुओं पर दोनों रेंज के पुलिस अधिकारियों को फोकस करने के निर्देश दिए। पहला ग्वालियर-चंबल रेंज अवैध रेत के उत्खनन के कारण सुर्खियों में रहते हैं। अवैध रेत के कारोबार से पुलिस की बदनामी होती है। इसलिए इस पर अंकुश लगने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। दूसरा प्रदेश के अन्य जिलों की तरह दोपहिया वाहन चोरी दोनों रेंज में बड़ी समस्या नजर आ रही है। वाहन चोरी की घटनाओं को नियंत्रित करें। तीसरा स्थाई वारंटियों की तामीली पर और फोकस करना चाहिए। वहीं डीजीपी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश के थानों युद्घ स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। बैठक में आइजी ग्वालियर रेंज अविनाश शर्मा व प्रभारी आइजी सचिन अतुलकर ने रेंज में हुए नवाचारों की जानकारी दी। बैठक में डीआइजी आरके हिंगणेकर, एसपी अमित सांघी के अलावा कमांडेंट, स्पेशल ब्रांच एसपी योगेश्वर शर्मा भी मौजूद थे। डीजीपी के एसपी आफिस पहुंचने पर प्रोटोकोल के अनुसार गार्ड आफ आनर दिया गया। दोपहर 12 बजे से समीक्षा बैठक शुरू हुई। सबसे पहले ग्वालियर जिले के अपराधों की समीक्षा हुई। इसके बाद मुरैना, भिंड, श्योपुर व दतिया के अपराधों की समीक्षा हुई।

दोनों रेंज के नवाचार प्रदेश में किए जा सकते हैं लागूः डीजीपी ने कहा कि ग्वालियर जिले में सशस्त्र बल हेल्पडेस्क व माय ट्रैफिक माय सेफ्टी और मुरैना जिले में आरक्षक को बीट अधिकारी बनाए जाने का नवाचार लागू किया गया है। यदि इसके उत्साहपूर्वक परिणाम आएंगे तो इसको पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

नाबालिगों की बरामदगी में प्रदेश में ग्वालियर तीसरे नंबर परः एसपी अमित सांघी ने डीजीपी को बताया कि डकैती के प्रकरणों में शतप्रतिशत सफलता, लूट में 80 प्रतिशत सफलता, 19 अंधे कत्लों में से 16 ट्रेस किए। तीन अब भी लंबित हैं। इसके अलावा नाबालिगों की बरामदगी में जिला प्रदेश में तीसरे नंबर पर और दोनों रेंजों में पहले स्थान पर है। एससीएसटी के शतप्रतिशत मामलों में राहत राशि पीड़ित को मिल चुकी है। डीजीपी ने इस पर जिला पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि अमूमन देखने में आया है कि पुलिस अपने अपराध ट्रेस करने के बाद इस बात पर ध्यान नहीं देती है, जबकि यह पुलिस का सामाजिक दायित्व है। इसके अलावा नशीले पदार्थ व हथियारों की बरामदगी ठीक-ठाक हुई है। डीजीपी ने नशे के कारोबार पर निरंतर नजर रखने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ई-एफआइआर दर्ज करने के मामले में पूरे प्रदेश में ग्वालियर पहले स्थान पर है।

वाहन चोरी प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या, अंकुश लगाएंः डीजीपी विवेक जौहरी ने कहा कि वाहन चोरी प्रदेश के सभी जिलों में बड़ी समस्या के रूप में सामने आई है। ग्वालियर-चंबल रेंज में भी वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ना चिंता की बात है। चोरी केवाहन बरामद करने का ग्राफ भी संतोषजनक नहीं कह सकते हैं। वाहन चोर एक जिले से वाहन चोरी कर दूसरे जिले में ठिकाने लगाते हैं। इसलिए दोनों रेंजों के पुलिस अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें और हर कीमत पर अंकुश लगाएं। इसके साथ ही मुरैना में दहेज प्रकरण ज्यादा व गुना में चोरी के मामले कम सामने आए हैं

पोस्टिंग में राजनीतिक दखल कभी नहीं होताः डीजीपी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए भिंड-मुरैना के थानों में राजनीतिक पोस्टिंग से इनकार करते हुए कहा कि पोस्टिंग में राजनीतिक दखल कभी नहीं होता है, पोस्टिंग शासनस्तर पर की जाती है। डीजीपी ने कहा कि ट्रेंड के हिसाब से अपराधों को कंट्रोल करने की रणनीति बनाई जाती है। दोनों रेंज में अपराधों को कंट्रोल करने बेहतर काम हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माब लिंचिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई है। इंदौर-उज्जैन में हुई घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रणनीति बनाई गई है। उस पर सार्वजनिक चर्चा नहीं की जा सकती है। डीजीपी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह बात सही है कि अंचल में डकैत समस्या लगभग समाप्त हो चुकी है। अब छोटे-छोटे ऐसे अपराध हो जाते हैं। इसलिए अब भी मप्र में डकैती अधिनियम अभी जरूरी है।