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बोमन ईरानी पर टूटा दुखों का पहाड़, मां की मौत के दो महीने बाद अब ससुर का हुआ निधन

नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर और दिग्गज अभिनेता बोमन ईरानी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। मां की मौत के दो महीने बाद अब अभिनेता के ससुर का भी निधन हो गया है। सोमवार 6 सितंबर को बोमन ईरानी की पत्नी जेनोबिया के पिता परवेज का निधन हो गया है। वह 86 साल के थे। इस बात की जानकारी खुद बोमन ने दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर परवेज की तस्वीर शेयर कर भावुक पोस्ट लिखा है।

बोमन ईरानी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर ससुर परवेज की तस्वीर शेयर करते हुए पोस्ट में लिखा, ‘उन्होंने कभी शिकायत नहीं किया । वह हमेशा ग्रेटफुल थे। उन्होंने कभी भी अच्छा करने का मौका नहीं छोड़ा, ऐसा कोई ईमानदार व्यक्ति जो मैं कभी नहीं मिला। 86 साल उन्होंने शानदार बनाने का जश्न हमेशा से सेलिब्रेट किया और हमसे जश्न मनाते रहने का अनुरोध किया। जेनोबिया के पिता और नायक परवेज। मेरे और मेरे बेटों के लिए प्रेरणा…आप बहुत याद आओगे!’

ससुर के लिए लिखा बोमन ईरानी का यह भावुक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। दिग्गज अभिनेता के फैंस उनके ससुर के निधन पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। आपको बता दें कि इस साल जून में बोमन ईरानी की मां जेरबानू ईरानी का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वह उम्र से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित थी। उनका निधन घर पर ही हुआ था। बोमन ईरानी 3 इडियट्स और मुन्ना भाई एमबीबीएस जैसी हिट फिल्मों में काम कर चुके है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी मां को श्रद्धांजलि देते हुए इस खबर के बारे में जानकारी दी था। बोमन ईरानी अपनी मां को मदर ईरानी कहकर पुकारते थे। उन्होंने बताया कि उनकी मां 32 वर्ष की थी, तभी से वह माता और पिता दोनों की भूमिका निभा रही थी। जेरबानू ने अपने पति के निधन के बाद पारिवारिक दुकान भी चलाई थीं। यह बात दिसंबर 1959 की है। बोमन ईरानी ने यह भी लिखा है कि वह बहुत अच्छी महिला थी। उनके पास बहुत मजेदार कहानियां थीं। उनके पास जाने पर वह अच्छे से गले लगाती थी। भले ही उनके पास कुछ भी नहीं होता था, वह जेब में कुछ निकालकर देने का प्रयास करती थीं।

बोमन ईरानी ने बताया है कि उनकी मां उन्हें फिल्में देखने के लिए प्रेरित करती थी। बोमन ईरानी यह भी कहते हैं कि उनकी मां खाने और गानों को लेकर जुनूनी थी। वह कहते है, ‘जब वह मुझे फिल्में देखने के लिए भेजती थी तब वह कंपाउंड के सभी बच्चों को भी मेरे साथ भेजती थी। वह यह भी कहती थी कि उन्हें पॉपकॉर्न भी दिला देना। उन्हें खाना पसंद था और गाने पसंद थेl वह विकिपीडिया और आईएमडीबीबी चेक कर लेती थी। बहुत तेज थी।’