ब्रेकिंग
जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 63 कैदी रिहा भारतीय वायुसेना में शामिल हुए हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' छत्तीसगढ़: कुम्हारी हत्याकांड पर सियासी बवाल नशे का इंजेक्शन लगाकर गिरते-गिरते अपने मोटरसाइकिल तक पहुंचा युवक, सीधा खड़ा भी नहीं हो पाया पोहा बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें या पोहा मिल कैसे लगाये |Poha Making Business In Hindi कुम्हारी हत्याकांड पर सियासी बवाल युवती को पता चलने पर धमकाया, हिंदूवादी संगठन ने युवक की पिटाई की दुर्गोत्सवऔर दशहरा उत्सव मनाने ट्रैफिक पुलिस ने बनाया प्लान, शाम 5 बजे से रात दो बजे तक रूट रहेगा डायवर्ट महिलाओं ने की 18 किलोमीटर पैदल यात्रा, मां जालपा को ओढाई 72 मीटर लंबी चुनरी MP की सबसे लंबी मोहनिया सुरंग बनकर तैयार, जाने क्या है, खासियत

दो दिन से लगातार बारिश, आज भी भारी वर्षा की चेतावनी

रायपुर। पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश के बाद शुक्रवार को भी झमाझम बारिश हुई। सुबह साढ़े आठ बजे तक रायपुर में 40.6 मिली मीटर बारिश रिकार्ड हुई। इसी तरह दिन भर बादल छाए रहने के साथ-साथ शाम पांच बजे तक 1.4 मिली मीटर बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग ने शनिवार को भी एक या दो जगहों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

शहर के कई इलाकों में भरा पानी

राजधानी की कई कालोनियों और निचली बस्तियों में सड़क पर पानी भरा रहा। वहीं नालियां ओवरफ्लो होने के कारण यहां का कचरा बहकर सड़क पर आया गया है।

यहां इतनी हुई बारिश

रायपुर के अलावा लोरमी में आठ सेंटीमीटर, दुर्ग, डोंगरगांव में सात सेेमी, अंबागढ़ चौकी में छह सेमी, छुरिया, मुंगेली, मरवाही, डोंगरगढ़ में पांच सेमी बारिश हुई है।

मौसम विज्ञानियों ने दी चेतावनी

मौसम विज्ञानियों ने अभी भी बारिश की चेतावनी दी है। विज्ञानियों के मुताबिक प्रदेश से लगे दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक, 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक एक चक्रीय चक्रवाती घेरा है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे में एक निम्न दाब का क्षेत्र बनने की संभावना है और उसके अगले 24 घंटे में प्रबल होकर अवदाब के रूप में परिवर्तित होने की संभावना है।

एक द्रोणिका उत्तर-पूर्व अरब सागर से पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक गुजरात, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा होते हुए 3.1 किलोमीटर से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इससे शनिवार को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छीटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में गरज-चमक के साथ एक-दो स्थानों पर वज्रपात होने तथा भारी वर्षा हो सकती है।

मानसून विदाई में होगी देरी

सितंबर में एक के बाद एक मानसूनी मौसमी तंत्र बनने के कारण प्रदेश में अभी लगातार बारिश का दौर जारी रहने की पूरी संभावना बनी हुई है। देश में दक्षिण पूर्व मानसून की विदाई राजस्थान से 31 अगस्त सामान्य तिथि से प्रारंभ होता है, लेकिन इस वर्ष देश में अभी मानसून की विदाई का समय नहीं हुआ है। सितंबर में लगातार मौसमी तंत्र बनने के कारण मानसून की विदाई राजस्थान से अभी संभव भी नहीं दिख रही है, इसलिए इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई में देरी हो सकती है।