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प्रगतिशील पैनल के उम्मीदवारों को जीत तय थी, इसलिए हंगामा करा कर चुनाव नहीं होने दिए :तेजकुलपाल सिंह

भोपाल। राजधानी के सबसे प्रमुख व्यवसायियों का संगठन भोपाल चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के चुनाव को लेकर आए दिन नए आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं। अध्यक्ष सहित कुल 24 पदों के लिए चुनावी मैदान में उतरे प्रगतिशील, सद्भावना,परिवर्तन, व्यवसायियों का विकास, सबका साथ सहित अन्य निर्दलीय उम्मीदवार एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। प्रगतिशील पैनल से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार तेजकुल पाल सिंह पाली, महामंत्री पद के उम्मीदवार रामबाबू शर्मा ने बताया कि जब चुनाव अधिकारी मुकेश सेन ने सात सितंबर को चुनाव की तिथि 12 सितंबर कर दी थी तो फिर चैंबर्स के कार्यवाहक अध्यक्ष ललिता जैन व अन्य व्वसायियों ने षड़यंत्र रच कर आठ सितंबर को क्यों कोहेफिजा चैंबर्स के कार्यालय में हंगामा कराया। दवाब बनाकर क्यों चुनाव अधिकारी मुकेश सेन से इस्तीफा लिखवाया। इन सब सवालों के जवाब ललित जैन व उनकी विचारधारा के व्यवसायियों के पास नहीं हैं। कार्यवाहक अध्यक्ष ललित जैन चुनाव कार्यकाल के तीन साल निकलने के बाद भी अपने डटे हुए हैं। कार्यालय में जाकर बैठतें हैं और तालिबान की तरह काम करते है। इससे तंग आकर चुनाव अधिकारी मुकेश सेन ने कोहेफिजा थाने में ललित जैन सहित छह व्यवसायियों पर मामला दर्ज कराया। खुद ही आदेश जारी करके चुनाव निरस्त कर दिए। उन्हें प्रगतिशील पैनल के उम्मीदवारों की जीत तय दिख रही थी। व्यवसायी हमारे साथ हैं। इसी जलन के कारण हंगामा करा कर चुनाव नहीं करा रहे। इधर सद्भावना पैनल की ओर से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आलोक जैन पंचरत्न का कहना है कि सिर्फ त्योहारों के कारण चुनाव 12 सितंबर को नहीं कराने की मांग की थी। एक अन्य महामंत्री पद के उम्मीदवार आदित्य जैन मानयां ने बताया कि चुनाव अधिकारी पर कई बार आरोप लगे, वो चुनाव नहीं करा पा रहे थे। अब नए सिरे से तिथि की घोषणा की जाए और शांतिपूर्वक चुनाव कराए जाएं। इससे व्यवसायियों से जुड़ी समस्याएं शासन-प्रशासन के समक्ष एकजुटता से उठ सकें, उनका निराकरण हो सके।