ब्रेकिंग
Essay Help From Licensed Authors Come affrontare Nervosismo estremo मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज गांधी जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना 'महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना' के शुभारंभ महिला श्रमिक की मौत पर की खबर के बाद जागे परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस, नामली थाना क्षेत्र में की कार्रवाई AIIMS : ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर बैन अब तक 7 के शव बरामद, आईएएफ ने 2 चीता हेलीकॉप्टर किए तैनात, 8 लोगों का सफल रेस्क्यू क्या Pavitra Punia- Ejaz Khan ने  कर ली सगाई? दशहरे के दिन ही खुलता है रावण के इस मंदिर का द्वार खुद स्टार्ट किया पम्पिंग सेट, कहा- पशुओं में दूध की होती है वृद्धि हटाए गए कर्मियों को नौकरी देने की मांग, 19-20 को करेंगे भूख हड़ताल

अस्पताल वालों ने गर्भवती को निकाला बाहर तो सड़क पर दिया बच्ची को जन्म, लेकिन नहीं बच पाई नवजात की जान

विदिशा/लटेरी: सरकार द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कितने भी वादे औऱ दावे किए जाएं, लेकिन उनकी असलियत हर बार सामने आ ही जाती है। मानवता को शर्मसार कर देने बाली ये तस्वीरें मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की लटेरी तहसील की हैं। जहां एक गर्भवती को शासकीय अस्पताल से डिलेवरी में समय है का बोलकर घर वापिस भेज दिया गया।

दरअसल अस्पताल से घर जाते समय महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई और महिला ने रास्ते मे ही एक सुंदर से बच्चे को जन्म दे दिया। अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही और सरकारी सिस्टम के कारनामों के कारण नवजात ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। प्रदेश की शिवराज सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर सरकारी अस्पतालों पर करोड़ों रूपये खर्च कर रही है। मोटी-मोटी पगार पर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्तियों के साथ ही अन्य मदों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में जिम्मेदार लोगों के कारण निचले तबके के लोगों को सरकार की मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण है रास्ते मे महिला का प्रसव और उसके बाद नवजात की मौत… साथ ही सरकार और उसके सिस्टम पर कई सवाल खड़ा करता है।

लटेरी का सरकारी अस्पताल लगातार प्रदेशभर में सुर्खियों में रहता है। कुछ समय पूर्व भी सरकारी अस्पताल में पदस्थ बीएमओ धाकड़ का 100 रुपये की घूंस लेने का मामला सामने आया था। जिसे पंजाब केसरी ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस मामले में जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कोई ठोस कार्रवाई न करते हुए सिर्फ चेतावनी पर जारी करने की बात कही थी।