अनुसूचित जाति वर्ग के युवा अंत्योदय के लिए सरकार ने लागू की वेंडर योजना

बिलासपुर। अनुसूचित जाति वर्ग के ऐसे युवा जो बेकार हैं और जिनके पास कोई काम नहीं है उनके अंत्योदय के लिए केंद्र सरकार ने योजना बनाई है। अंत्योदय स्वरोजगार योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर योजना में जिलेवार लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए केंद्र सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए अभियान चलाने और युवाओं को प्रेरित करने का निर्देश दिया हैै।

अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित अंत्योदय स्वरोजगार योजना अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर योजना में 206 इकाई का लक्ष्य वर्ष 2021-22 के लिए तय किया गया है। जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया है। इन युवाओं को वेंडर बनाने आवेदन जमा कराने और बैंक को दिए गए लक्ष्य की पूर्ति पर निगरानी रखने की बात भी कही है। वेंडर योजना से जोड़न के लिए केंद्र सरकार ने मापदंड तय कर दिया है।

तय मापदंड के अनुसार आवेदक युवा जिले का निवासी हो,अनुसूचित जाति वर्ग का हो,आयु 18 वर्ष से कम तथा 50 वर्ष से अधिक ना हो। परिवार की वार्षिक आमदनी ग्रामीण क्षेत्र के लिए अधिकतम 40 हजार 500 तक एवं शहरी क्षेत्र के लिए 51 हजार 500 तक हो। आवेदन पत्र के साथ आय प्रमाण पत्र,जाति प्रमाण पत्र,निवास प्रमाण पत्र,आधार कार्ड व राशन कार्ड की छाया प्रति व पासपोर्ट साइज की दो फोटो जमा करना होगा।

शपथ पत्र में ये देनी होगी जानकारी

पूर्व से किसी शासकीय योजना में ऋण अनुदान प्राप्त ना किया हो। ऋण बकाया ना हो। कुछ इस तरह की जानकारी के साथ शपथ पत्र पेश करना होगा।

युवाओं को मिलेगा अनुदान

अंत्योदय स्वरोजगार योजना बैंक प्रवर्तित योजना है। योजनांतर्गत ऋण प्रकरण संबंधित सेवा क्षेत्र की बैंक शाखा को प्रेषित करेंगे। बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत के बाद जिला अंत्यावसायी कार्यालय द्वारा संबंधित युवा को 10 हजार रूपये अनुदान दिया जाएगा। मतलब साफ है कि ऋण राशि में 10 हजार स्र्पये की छूट शासन द्वारा दी जाएगी।