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छत्तीसगढ़ में मिले ब्लैक फंगस के 423 मरीज, अब 22 मामले ही सक्रिय

रायपुर: छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या अब लगातार कम हो रही है प्रदेश में 22 मरीज सक्रिय हैं। वहीं, 329 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक 423 मरीज मिले थे इसमें से 276 मरीजों का ऑपरेशन किया गया। 29 मरीजों की मौत की वजह फंगस से हुई, जबकि 23 मरीजों की मौत की वजह ब्लैक पंकज के साथ अन्य बीमारियां भी थी। विशेषज्ञों के अनुसार ब्लैक फंगस के जितने भी मरीज मिले हैं, वे पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए और स्वस्थ होने के बाद उनमें ब्लैक फंगस के लक्षण सामने आए थे।

उम्र की स्थिति को देखें तो कुल 423 ब्लैक फंगस के मरीजों में 18 साल से कम आयु का एक मरीज, 18 से 45 आयु वर्ग के 129 मरीज, 45 से 60 साल के 209 मरीज और 60 से अधिक आयु वर्ग के 83 मरीज पाए गए। बीमारियों की बात करें तो इनमें से डायबिटीज के 328 मरीज थे, जिनमें से 241 स्ट्रेराइड लिए थे, और 190 को ऑक्सीजन थेरेपी दी गई थी।

संचालक महामारी नियंत्रक डॉक्टर सुभाष मिश्रा ने बताया कि राज्य में ब्लैक फंगस नियंत्रित हो रहा है। बाकी राज्यों की तुलना में यहां मरीज अधिक स्वस्थ हुए हैं। समय पर जांच इलाज की वजह से मरीजों को ना सिर्फ स्वास्थ्य लाभ मिला बल्कि बीमारी को रोकने में हमने सफलता हासिल की।

पोस्ट कोविड-19 मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पोस्ट कोविड-19 मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यानी जो मरीज को रोना संक्रमण से प्रभावित थे, उनमें कमजोरी बदन दर्द सिर दर्द सांस की समस्या फेफड़ों में समस्या हड्डी व अन्य समस्याएं सामने आ रही हैं। राजधानी के अंबेडकर अस्पताल जिला अस्पताल एम्स डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में लगातार ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं।