आइएएस फर्जी फैसला कांड : जज और लड़की ने फाइल गायब कर दी, नकल सेक्शन वाले ने साहब का नाम बता दिया

इंदौर। फर्जी फैसला कांड की जांच के लिए गठित एसआइटी ने जज विजेंद्रसिंह रावत और अमनसिंह भूरिया से पूछताछ की तैयारी कर ली है। एसआइटी ने कोर्टकर्मी हीरालाल पुरोहित, डीपीओ मोहम्मद अकरम शेख, हर्षिता और निलंबित आइएएस संतोष वर्मा के कथनों को आधार बनाया है।

एसपी (पूर्वी) आशुतोष बागरी के मुताबिक हाईकोर्ट की उच्च स्तरीय समिति से अनुमति मिलने के बाद जांच एसआइटी को सौंप दी है। बुधवार को एसआइटी प्रभारी एएसपी जयवीरसिंह भदौरिया, डीएसपी अनिलसिंह चौहान, सीएसपी हरीश मोटवानी, टीआइ डीवीएस नागर ने बैठक कर पूछताछ का खाका तैयार किया। सूत्रों के मुताबिक एसआइटी ने तय किया कि जजों से पूछताछ के पहले सवालों की फेहरिस्त बनाई जाएगी। इसमें सबसे प्रमुख बयान मुख्य आरोपित संतोष वर्मा के ही है। वर्मा के मोबाइल में एक रिकॉर्डिंग मिली है जिसमें वह आएएएस वीएस रावत से बातें कर रहे है। रावत से वर्मा ने बातों ही बातों में जिक्र किया कि जज और लड़की मिल गए हैं। दोनों ने फाइल (केस डायरी) गायब कर दी है जबकि मैंने तो विधिवत नकल हासिल की है। नकल सेक्शन वाले बाबू हीरालाल ने भी इसकी पुष्टि की है। पुरोहित ने साफ कह दिया कि नकल आवेदन की उसने एंट्री कर फाइल कोर्ट से मंगवाई थी। दूसरा आधार डीपीओ अकरम शेख के बयान को बनाया गया है। शेख और रावत की वाट्सएप पर चेटिंग हुई थी। फोन पर भी रावत डीपीओ से बात कर चेंबर में मिलने बुला रहे थे। सीजेएम अमन भूरिया से पूछताछ के लिए वर्मा की चेटिंग और हर्षिता की शिकायत पर्याप्त है

एक्शन में एसआइटी

एएसपी(पूर्वी-1) जयवीरसिंह भदौरिया के मुताबिक हाईकोर्ट से सशर्त अनुमति मिली है। जजों को विधिवत नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक एसआइटी जजों से पूछताछ के पहले कोर्ट में पदस्थ दो कोर्टकर्मियों को हिरासत में ले सकती है। इसमें एक कोर्टकर्मी वो है जो एएसपी (पूर्वी-2) राजेश रघुवंशी के द्वारा फाइल मांगने पर भी बहाने बना रहा था।