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बनने लगा कानन पेंडारी सफारी का द्वार, दो अक्टूबर से पर्यटक ट्रेन से करेंगे भ्रमण

बिलासपुर। कानन पेंडारी जू के पर्यटकों को जंगली सफारी जैसा अहसास कराने के लिए जू प्रबंधन ने टायर ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए दो किमी का भ्रमण मार्ग भी बनाया गया है। जहां से सैर की शुरुआत होगी। वहां एक कानन सफारी के नाम से भव्य द्वार भी बनाया जाएगा। जिसकी शुरुआत कर दी गई। दो अक्टूबर से यह सुविधा पर्यटकों के लिए शुरू हो जाएगी।

कानन प्रबंधन पर्यटकों को कुछ न कुछ नई सुविधा देने के लिए प्रयास करता है। इसी के तहत कानन सफारी बनाया जा रहा है। चूंकि जिस दो बोगी की ट्रेन से पर्यटकों को घूमाया जाना है, उसमें तेज आवाज है। इसलिए इस चलाने के लिए ऐसा रास्ता बनाया गया है, जो वन्य प्राणियों के केज से दूर है। सफारी के जैसा रास्ते में कानन के वन्य प्राणियों के कट आउट रखे गए हैं। कट आउट को जंगल- झाड़ियों के बीच में कुछ इसी तरह रखा गया कि अचानक नजर पड़ने पर वह जीवित नजर आते हैं। जू प्रबंधन का कहना है कि यह पर्यटकों के लिए नई सौगात है

सैर शुल्क भी निर्धारित कर दिया गया है। इसके तहत प्रति पर्यटक 30 रुपये का लिया जाएगा। ट्रेन से सैर 40 मिनट होगी। इस दौरान उन्हें जू का वह हिस्सा भी दिखाया जाएगा, जहां पर्यटक नहीं जाते। उन्हें शहद प्रंस्करण केंद्र भी दिखाया जाएगा। दरअसल जू के द्वार क्रमांक दो में संचालित इस केंद्र में गांव से खरीदे गए शहद को बाटल में पैक किया जाएगा। इससे पहले शुद्ध करने की एक प्रोसेसिंग भी है। इसके बाद ही यह बिकने के लिए बाहर सप्लाई होता है। रास्ते में जितने वन्य प्राणियों के कट आउट है। उनके बारे में भी बताया जाएगा। पर्यटकों के लिए इस ट्रेन में भ्रमण बिल्कुल नया अहसास होगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि जू के राजस्व में भी इजाफा होगा।