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रायपुर के मंदिर में नवरात्रि में माता की जलेगी जोत, पर भक्त नहीं कर सकेंगे दर्शन

रायपुर: कोरोना महामारी के चलते लगातार दूसरे साल क्वांर नवरात्र सादगी से मनाएंगे। प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार देवी मंदिरों में जोत जलेगी, लेकिन श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाएंगे। इस बार भी गरबा आयोजनों को अनुमति नहीं दी गई है। मंदिर, पंडाल, सार्वजनिक जगहों पर भंडारा प्रसादी भी नहीं होगी। 200 वॉट तक के ध्वनि विस्तारक यंत्र, धुमाल, बैंड बजा सकेंगे

पंडाल के 100 मीटर के भीतर ही अनुमति है, इसके बाहर नहीं बजेंगे। इसकी जिम्मेदारी मंदिर समिति की होगी। पंडालों में स्थापित की जाने वाली मां दुर्गा की प्रतिमा की ऊंचाई आठ फीट से ज्यादा नहीं होगी। इसके अलावा पंडाल का आकार, पूजा, आरती, विसर्जन में उन्हीं नियमों का पालन करना होगा जैसा गणेश पर्व पर जारी किया गया था।

इन नियमों का पालन जरूरी

– प्रतिमा की ऊंचाई आठ फीट

– पंडाल का आकार 15 बाइ 15

– पंडाल के सामने 500 वर्गफीट की खुली जगह

– खुली जगह में सड़क, गली प्रभावित न हो

– अग्नि शमन सुरक्षा के साथ जोत प्रज्ज्वलन

– जोत दर्शन में श्रद्धालुओं का प्रवेश नहीं

– पंडाल के सामने दर्शकों, आयोजकों के बैठने कुर्सी नहीं लगेगी

– पूजा में 50 से अधिक व्यक्ति नहीं

– बिना मास्क के प्रवेश नहीं

– पंडाल में आने-जाने वालों का नाम रजिस्टर में दर्ज करना होग

– कोरोना लक्षण वालों को प्रवेश नहीं

– कंटेनमेंट जोन में प्रतिमा स्थापना नहीं

– स्थापना के बाद कंटेनमेंट जोन बना तो आयोजन स्थगित

– 200 वॉट तक ध्वनि विस्तारक यंत्र, धुमाल, बाजा

– पंडाल के 100 मीटर के भीतर ही बजा सकेंगे

– प्रसाद, चरणामृत, खाद्य, पेय पदार्थ पर प्रतिबंध

– विसर्जन में एक से अधिक वाहन नहीं

– साज-सज्जा, झांकी को अनुमति नहीं

– विसर्जन में अधिकतम 10 व्यक्ति शामिल होंगे

– नियत मार्ग से विसर्जन वाहन गुजरेंगे, व्यस्त मार्ग से नही

– सूर्यास्त के पश्चात, सूर्योदय के पहले विसर्जन नहीं

– पंडाल लगाने के लिए तीन दिन पहले अनुमति