ब्रेकिंग
Discovering Academic Term Papers जन-जन को जोड़ें "महाकाल लोक" के लोकार्पण समारोह से : मुख्यमंत्री चौहान Women Business Idea- घर बैठे कम लागत में महिलायें शुरू कर सकती हैं यह बिज़नेस राज्यपाल उइके वर्धा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में हुई शामिल, अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र का भी किया शुभारंभ विराट कोहली नहीं खेलेंगे अगला मुकाबला मनोरंजन कालिया बोले- करेंगे मानहानि का केस,  पूर्व मेयर राठौर  ने कहा दोनों 'झूठ दिआं पंडां कहा-बेटे का नाम आने के बावजूद टेनी ने नहीं दिया मंत्री पद से इस्तीफा करनाल में बिल बनाने की एवज में मांगे थे 15 हजार, विजिलेंस ने रंगे हाथ दबोचा स्कूल में भिड़ीं 3 शिक्षिकाएं, BSA ने तीनों को किया निलंबित दिल्ली से यूपी तक होती रही चेकिंग, औरैया में पकड़ा गया, हत्या का आरोप

FSSAI ने महाकालेश्वर मंदिर के लड्डू प्रसाद के लिए जारी किया सेफ भोग का प्रमाण पत्र

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा तैयार किए जा रहे लड्डू प्रसाद और निशुल्क अन्नक्षेत्र को एफएसएसएआइ(फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी आफ इंडिया) द्वारा सेफ भोग का प्रमाण पत्र जारी किया गया है। कलेक्टर एवं अध्यक्ष श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति आशीष सिंह द्वारा भोग एवं अन्नक्षेत्र से जुड़े हुए सभी अधिकारी कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी गई है। लड्डू प्रसाद और अन्न क्षेत्र में उपलब्ध भोजन की गुणवत्ता प्रमाणित कर दी गई है। मंदिर समिति अब लड्डू प्रसाद के पैकेट पर विशेष ‘भोग’ का टैग भी लगा सकेगी। देश के धार्मिक स्थलों पर स्वच्छ और सुरक्षित भोग प्रसाद और भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘भोग’ का टैग शुरू किया गया था। सेफ भोग प्लेस परियोजना में निशुल्क भोजन क्षेत्र, लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई और श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा संचालित निकटतम खाद्य प्रतिष्ठान को शामिल किया गया है। इन तीनों जगहों का हर छह महीने में आडिट होगा। यानी यदि सिस्टम मानक के अनुरूप पाया जाता है तो प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

भोग का अर्थ : भोग शब्द अंग्रेजी के चार अक्षरों से मिलकर बना है। बी ब्लिसफुल के लिए, एच के लिए हाइजीनिक, ओ फॉर ऑफरिंग, जी फॉर गॉड। भगवान को भेंट किया गया स्वच्छ प्रसाद।

प्रसाद ले जाते हैं श्रद्धालु

महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में प्रदेश के बाहर से भी श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में वे अपने साथ यहां से लड्डू प्रसाद भी रिश्तेदारों और करीबियों को बांटने के लिए ले जाते हैं। इसके साथ ही अन्नक्षेत्र में भोजन भी ग्रहण करते हैं।