भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में राजनैतिक प्रस्ताव सहित कई मुद्दों पर बनी रणनीति

रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक रविवार को होगी। बैठक का शुभारंभ प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी करेंगी। कार्यसमिति में पार्टी की तरफ से राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसको लेकर शनिवार को पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हुई। बैठक में केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में मिले निर्देशों, राजनैतिक प्रस्ताव और कार्यसमिति बैठक में आगामी कार्ययोजना सहित अन्य राजनीतिक विषयों को लेकर रणनीति तय की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है। कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के बठेना में एक ही परिवार के पांच लोगों का संदिग्ध अवस्था में शव मिलना, दो माह पहले उन्हीं के क्षेत्र खुड़मुड़ा में एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या हुई थी।

उसके आरोपित आज तक पकड़ से बाहर हैं। पूरे प्रदेश में लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया है। संगठन महामंत्री पवन साय ने कार्ययोजना की जानकारी देते हुए संगठनात्मक और कार्यसमिति को लेकर चर्चा की। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के तय दिशा निर्देश के तहत संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाना है।

संगठनात्मक मजबूती के साथ प्रदेश की तानाशाह सरकार के खिलाफ रणनीतिक प्रहार करने की दिशा में कार्ययोजना बनाकर काम करना है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि विपक्ष के सवालों का सदन में सरकार जवाब नहीं दे पाई। प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है। मंच का संचालन भाजपा प्रदेश महामंत्री नारायण चंदेल व भूपेंद्र सवन्नी ने किया।

बैठक में प्रमुख रूप से राज्यसभा की सदस्य डा. सरोज पांडेय, रामविचार नेताम, गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, पुन्नूलाल मोहले, राजेश मूणत, केदार कश्यप, शिवरतन शर्मा, सरला कोसरिया, निर्मल सिन्हा, सुभाष राव, छगनलाल मुंदड़ा, विजय शर्मा, ओपी चौधरी, शालिनी राजपूत, अमित साहू सहित प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर फोकस रहेगा राजनीतिक प्रस्ताव

प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में रविवार को पार्टी राजनीतिक प्रस्ताव पेश करेगी। इसमें प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। सरकार पर चुनावी वादों को पूरा नहीं करने को भी मुद्दा बनाया जा सकता है।

वर्जन

हंटर किसी को चलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। हंटर का असर शायद कांग्रेस को ज्यादा पड़ रहा है। भाजपा से ज्यादा कांग्रेसियों में डी. पुरंदेश्वरी की चर्चा है और यह अच्छी बात है

– धरमलाल कौशिक, नेता प्रतिपक्ष

नेता प्रतिपक्ष को कोई नेता-प्रतिपक्ष मानता ही नहीं। उन्हें सिर्फ रमन सिंह ही मानते हैं। भाजपा इन दिनों भयंकर गुटबाजी से जूझ रही है। भाजपा प्रभारी तो हंटर चला रही है, लेकिन कोई मानें तब?

– भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़