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म्यांमार: विरोध प्रदर्शन में 39 लोगों की मौत, मार्शल लॉ किया गया लागू

यंगून। म्‍यांमार में चीन की आर्थिक मदद से चल रहे कारखानों और चीनी व्यवसायियों पर हमले के बाद से सैन्य अधिकारियों ने क्षेत्र में मार्शल लॉ की घोषणा कर दी है। रविवार को प्रदर्शनकारियों ने यंगून के उपनगरीय इलाके में चीन की आर्थिक मदद से चल रहे कारखानों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद सुरक्षा बलों की गोलीबारी में अलग-अलग जगह कम से कम 39 प्रदर्शनकारी मारे गए। अकेले यंगून मेें 22 लोगों के मारे जानेे की खबर है। दरअसल, प्रदर्शनकारियों का मानना है कि चीन, सेना को समर्थन दे रहा है।

म्यांमार में लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों पर सेना के दमनचक्र की दुनियाभर में आलोचना हो रही है। एमनेस्‍टी इंटरनेशनल ने कुछ ही दिन पहले अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि म्‍यांमार में प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सेना ऐसे हथियारों का इस्‍तेमाल कर रही है जिन्‍हें युद्ध के दौरान इस्‍तेमाल किया जाता है। संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव भी म्‍यांमार के हालातों पर अपनी चिंता व्‍यक्‍त कर चुके हैं। एसिस्टेंस एसोसिएशन फार पालिटिकल प्रिजनर्स ने देशभर में 38 लोगों के मारे जाने का दावा किया है। रविवार को हुई हिंसा को लेकर जब मीडिया ने सैन्य प्रवक्ता से उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

इस घटना के बाद सेना समर्थित एमआरटीवी ने शनिवार को प्रसारित समाचार में प्रदर्शनकारियों को अपराधी कहकर संबोधित किया है। आंग सान सू की की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी के वरिष्ठ नेता शनिवार को फेसबुक के माध्यम से जनता से रूबरू हुए। उन्होंने वर्तमान समय को सबसे काला समय बताते हुए कहा कि यह बात का संकेत है कि सुबह जल्द आने वाली है। उन्होंने तख्तापलट के खिलाफ चल रहे आंदोलन को समर्थन देते रहने की बात एक बार फिर दोहराई।

सेंट्रल म्यांमार में स्थित मोन्वा टाउनशिप ने अपनी स्थानीय सरकार और पुलिस बल के गठन का एलान किया है। बता दें कि एक फरवरी को हुए तख्तापलट के बाद से अब तक सौ से अधिक प्रदर्शनकारी जहां मारे जा चुके हैं वहीं 2100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

गौरतलब है कि अमेरिका ने फिलहाल अपने यहां मौजूद म्‍यांमार के लोगों के अस्‍थायी निवास देने की पेशकश की है। इसका अर्थ है कि ऐसे लोग जो म्‍यांमार के निवासी हैं और तख्‍तापलट की कार्रवाई से पहले से अमेरिका में रह रहे थे, वो अब अगले 18 माह तक वहां पर रह सकेंगे। अमेरिका में होमलैंड सिक्‍योरिटी सेक्रेटरी एलेजान्द्रो मयोरकाज के मुताबिक ऐसे लोगों को अस्‍थायी निवास दिया जा सकेगा।