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कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं किया रिकार्ड दुस्र्स्त, तहसीलदार को नोटिस

बिलासपुर।लंबे समय से रिकार्ड दुस्र्स्त करने के आवेदन का हाई कोर्ट ने निराकरण करने का आदेश दिया है। इसके बाद भी तहसीलदार ने रिकार्ड दुस्र्स्त नहीं किया। इस मामले में दायर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने तहसीलदार नारायगण गबेल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मोपका निवासी संतोष कुमार साहू व स्वजनों की मोपका में ही पैतृक जमीन है। अपनी भूमि का रिकार्ड दुस्र्स्त करने के लिए उन्होंने वर्ष 2015-16 में तहसीलदार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। लेकिन तहसीलदार बार-बार पेशी में बुलाते रहे और रिकार्ड को दुस्र्स्त नहीं किया।

लंबे समय तक प्रकरण का निराकरण नहीं करने से परेशान होकर उन्होंने हाई कोर्ट की शरण ली। वकील लवकुश साहू के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता तहसीलदार कार्यालय का चक्कर काटते काटते परेशान हो गया है फिर भी उनके आवेदन का निराकरण नहीं किया जा रहा है।

जस्टिस पी सैम कोशी ने इस मामले की सुनवाई करते हुए तहसीलदार को 90 दिनों में विधिवत कार्रवाई करते हुए आवेदन का निराकरण करने का आदेश दिया। लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद भी तहसीलदार ने कोई कार्रवाई नहीं की।

तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी प्रकरण का निराकरण नहीं करने पर उन्होंने तहसीलदार बिलासपुर नारायणप्रसाद गबेल को पक्षकार बनाते हुए न्यायालय की अवमानना याचिका लगाई गई है। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पी सैम कोशी ने तहसीलदार गबेल को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

राजस्व अफसरों की चल रही है मनमानी

तहसील कार्यालय में पटवारी से लेकर राजस्व अफसरों की मनमानी चल रही है। इसके चलते पीड़ित भू-स्वामियों को तहसील आफिस का चक्कर काटना पड़ रहा है। इस मामले में तो तहसीलदार को कोर्ट के आदेश की भी परवाह नहीं है।