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हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हुआ निलंबन बहाल

बिलासपुर।हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने निलंबित सहायक प्राध्यापक को बहाल नहीं किया। इस मामले में दायर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने विश्वविद्यालय के कुलपति को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में चंद्रमणी देव सहायक प्राध्यापक हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उन्हें पूर्व में निलंबित कर दिया था। इसके बाद लगातार कई सालों तक उनके निलंबन आदेश को बहाल नहीं किया गया। अपनी निलंबन बहाली की मांग को लेकर उन्होंने वकील रीना सिंह के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

इसमें अजय कुमार चौधरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का उल्लेख किया गया। साथ ही बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार किसी भी कर्मचारी को दो साल से अधिक समय तक निलंबिबत नहीं रखा जा सकता। लेकिन इस मामले में याचिकाकर्ता को बिना वजह कई साल तक निलंबित रखा गया है और कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

इस मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस पी सैम कोशी ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को 45 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता के निलंबन बहाली का विधिवत निराकरण करने का आदेश दिया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी विश्वविद्यालय ने कोर्ट के आदेश के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की।

इस पर याचिकाकर्ता ने कुलपति डा. एसके पाटिल को पक्षकार बनाते हुए न्यायालय की अवमानना याचिका दायर की है। इसमें बताया है कि पूर्व में कोर्ट ने उनके निलंबन बहाली के संबंध में आदेशित किया है, जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। इस मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कुलपति को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।