ब्रेकिंग
केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर दी बड़ी राहत, जानें कितने घट गए दाम केरल में भारी बारिश, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट; खोले गए 2 बांध जयपुर से लौटे रमन, कहा- भाई-भतिजावाद और परिवारवाद की वजह से कांग्रेस की हुई ये स्थिति अब इस प्राइवेट सेक्टर के बैंक ने एफडी की ब्याज दरों में की बढ़ोतरी, जानें लेटेस्ट ब्याज दर NIA अफसर तंजील अहमद मर्डर केस में मुनीर और रैयान को फांसी की सजा ज्ञानवापी मामले में ‘शिवलिंग’ पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले प्रोफेसर रतन लाल को ज़मानत, जानें कोर्ट में क्या-क्या हुआ पेटीएम को हुआ 762 करोड़ रुपये का घाटा, कंपनी ने कहा- सही रास्ते पर कारोबार जिला जज को हैंडओवर की ज्ञानवापी केस की रिपोर्ट UP विधानसभा लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी : सतीश महाना 'ठेके-पटटे, तबादला-तैनाती' से रहें दूर : सीएम योगी

आज ही गिरी थी कमलनाथ सरकार, जीतू बोले- लोकतंत्र की हत्यारिन है BJP

इंदौर : एक साल पहले आज ही के दिन प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। साथ ही 15 वर्षों बाद सत्ता में आई कांग्रेस सरकार 15 महीने में ही गिर गई थी। बता दें कि एक तरफ जहां भाजपा आज के दिन को सिंधिया के साथ आने पर जश्न के रूप में मना रही है, वही कांग्रेस आज लोकतंत्र सम्मान दिवस मनाकर सरकार की खिलाफत को जाहिर कर रही है। इसी कड़ी में आर्थिक राजधानी इंदौर में भी कांग्रेस कार्यालय पर कांग्रेसी जुटे और संविधान की रक्षा करने का प्रण लिया।

इस आयोजन में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, सज्जन वर्मा और कांग्रेस विधायकों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। बताया जा रहा है कि आयोजन के दौरान पूर्व सीएम के सन्देश का वीडियो भी प्रसारित किया गया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और डॉ भीमराव अम्बेडकर की तस्वीरों पर माल्यार्पण किया। वहीं इस दौरान पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के आदर्शों को भूलकर भाजपा ने आज ही के दिन लोकतंत्र की हत्या की थी। पूरे देश में भाजपा सरकार इसी तरह लोकतंत्र की हत्या कर रही है।

भले ही आज प्रदेश में भाजपा सरकार काबिज है लेकिन प्रदेशवासी सरकार की हकीकत जानते हैं। मध्य प्रदेश में जनता द्वारा चुनी हुई सरकार को गिराने के लिए बीजेपी ने संविधान की मूलभावना को तार-तार कर लोकतंत्र को खतरे में डाला। वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से बगावत कर दी थी। सिंधिया के साथ 22 विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया था। इस कारण 20 मार्च 2020 को कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसके बाद में 23 मार्च को शिवराज सिंह सरकार एक बार फिर सत्ता में लौटी थी।