खरसिया से छह साल के मासूम का अपहरण, आठ घंटे में झारखंड से बरामद

रायगढ़। खरसिया थाना क्षेत्र छपरीगंज से शनिवार की रात अपहृत व्यवसायी के आठ वर्षीय पुत्र को पुलिस ने सूचना मिलने के आठ घंटे के अंदर झारखंड के खुटी इलाके से बरामद कर लिया है। मामले में व्यवसायी के पूर्व रसोइया समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस चौकी खरसिया के छपरीगंज निवासी व्यवसायी रमेश कुमार अग्रवाल के साथ उनका पोता शिवांश अग्रवाल पिता राहुल अग्रवाल भी रहना है। शनिवार की देर शाम उनके घर का पूर्व रसोइया निखिल महंत उर्फ खिलावन शिवांश को बिना बताए मोटरसाइकिल में बिठाकर कहीं ले गया।

रमेश ने इसकी शिकायत पुलिस से की। उन्होंने बताया कि आवश्यकता नहीं होने पर निखिल को 18 फरवरी को काम से निकाल दिया था। शनिवार को निखिल घर आया और कहने लगा कि उसके मोबाइल चार्जर ऊपर के कमरे में छूट गया है। इसके बाद कमरे से लौटने पर वह शाम 5ः30 बजे शिवांश को चिप्स दिलाने के बहाने मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले गया। शाम 7ः30 बजे तब बच्चे के नहीं लौटने पर पुलिस चौकी खरसिया में सूचना दी गई। बालक के अपहरण की सूचना मिलने पर एसपी संतोष सिंह ने जिले में नाकेबंदी कराई।

एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा को रायगढ़ मुख्यालय में सायबर टीम के साथ संदेही का लोकेशन पता लगाने व सीमावर्ती जिलों के थाना प्रभारियों से संपर्क करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। एसडीओपी खरसिया पितांबर पटेल ने सुरागों के आधार अलग-अलग टीम को जांच में लगाया। इस बीच बिलासपुर रेंज के आइजी रतनलाल डांगी भी खरसिया पहुंचे और अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। डीजीपी डीएम अवस्थी ने भी मामले की जानकारी लेकर निर्देश दिए।

पुलिस की एक टीम मुख्य संदेही खिलावन महंत के गृहग्राम बाराद्वार व पामगढ़ पहुंची। सुराग के आधार पर एक टीम रायगढ़-झारखंड सीमा की ओर रवाना की गई। इस बीच जानकारी मिली की आरोपित पुलिस से बचने के लिए मुख्य मार्ग के बजाय पहाड़ी रास्तों का प्रयोग करते हुए बम्हनीनडीह- नंदेली- तारापुर अमलीभौना होते हुए रायगढ़ की सीमा पार कर चुके हैं। साथ ही पता चला कि संदेही ने खरसिया में अपने परिचितों को बिहार जाने की बात कही थी

इस पर एक टीम बिहार भी रवाना की गई। इस बीच झारखंड के खुटी इलाके से अपहृत बालक को बरामद कर लिया। साथ ही आरोपित निखिल महंत को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही घटना में प्रयुक्त मारुति अर्टिगा कार सीजी -13 एई 7025 की तलाशी लेने पर एक प्लास्टिक बोरी, गमछा, क्लोरोफार्म, रस्सी, बोरी, मिक्चर, बिस्किट, चिप्स व पानी बोतल मिले हैं। आरोपित की निधानदेही पर चाकू और एक चाकू आरोपित अमर दास महंत से जब्त किया गया। आरोपितों के खिलाफ धारा 368, 120, 34 आइपीसी, 25 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पहले से योजना बना ली थी। खिलावन महंत पुलिस को चकमा देने के लिए बाइक से निकला और रास्ते में बाइक छोड़ दी। रास्ते में उसके साथ अमर दास महंत व संजय सिदार(ड्राइवर) किराए की अर्टिगा कार में इंतजार कर रहे थे। अब तीनों आरोपित बालक को कार में बिठाकर झारखंड रवाना हुए। वे खुद को सुरक्षित रखने के लिए झारखंड के पेशेवर अपहरण गिरोह के पास बालक को सौंपने के लिए संपर्क कर रहे थे।

एसपी को पहले से अंदेशा था आरोपित बालक को लेकर पड़ोसी राज्य फरार हो सकते हैं। इसे देखते हुए बिहार, झारखंड और ओडिशा की पुलिस से संपर्क कर संदेहियों की जानकारी दी गई और नाकेबंदी का अनुरोध किया। इस पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस से सहयोग भी मिला। इसी बीच जानकारी मिली कि आरोपियों अर्टिगा कार से खूंटी झारखंड की ओर जा रहे हैं। खरसिया की दो इंस्पेक्टरों की टीम इस कार का पीछा कर रही थी। इसकी सूचना पर खूंटी पुलिस ने नाकेबंदी कर आरोपितों को रोक लिया। इधर पीछे-पीछे तभी रायगढ़ पुलिस की टीम भी पहुंच गई।

पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि अगवा बालक को झारखंड के रांची में अपहरण करने वाले गिरोह के सुपुर्द कर 25 लाख रुपये फिरौती मांगने वाले थे। आरोपितों ने बताया कि उसका संपर्क भी इस तरह के गैंग से था। आरोपित खिलावन ने बताया कि वह काम से निकाले जाने से नाराज था। साथ ही लखपति बनने के इरादे से उसे अपने मालिक के छह वर्षीय बालक शिवांश अग्रवाल अपहरण करने की योजना बनाई।

रायगढ़ एसपी व आइजी की सक्रियता से पुलिस की टीम ने अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया। इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने ट्वीट कर रायगढ़ पुलिस को बधाई दी गई है। इस कार्रवाई ने जिला पुलिस के खाते में एक ओर उपलब्धि दर्ज कराई है। गौरतलब हो कि गत माह भी रैरूमा में एक बालक का अपहरण हुआ था। उसे भी चंद घंटों में मुक्त करा लिया गया।

मामले में पुलिस की टीम के बेहतर काम की डीजीपी और आइजी ने सराहना की है। साथ ही आइजी ने 10 हजार इनाम की घोषणा की है। वहीं डीजीपी ने एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है। इसके अलावा डीजीपी डीएम अवस्थी ने झारखंड पुलिस को सहयोग के लिए आभार जताया है। उन्होंने ट्वीट पर रांची, खूंटी, सिमडेगा पुलिस को सहयोग के लिये धन्यवाद दिया है। रायगढ़ एसपी ने भी झारखंड पुलिस विशेष तौर पर खूंटी पुलिस का आभार प्रकट किया है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने खरसिया में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला। इस दौरान बाइक पर आरोपित के साथ बालक दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने संदेही की तलाश शुरू की। इसका नतीजा यह रहा कि वारदात में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

खरसिया पुलिस आरोपियों का ेपुलिस रिमांड लेकर पूछताछ कर रही है। बिलासपुर आइजी रतनलाल डांगी और एसपी रायगढ़ संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन पर एडिशनल एसपी रायगढ़ अभिषेक वर्मा, एसडीओपी खरसिया पितांबर पटेल तथा अनुविभाग के थाना, चौकी प्रभारियों, सायबर सेल व टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

समाजसेवी सुरेंद्र ने भी जिला पुलिस का हौसला अफजाई करते हुए एक लाख रुपये बतौर इनाम देने की घोषणा की हैं। बालक के स्वजन ने भी 31 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि रात्रि लगभग तीन बजे बालक को बरामद कर लिए जाने की जानकारी मिलते ही खरसियावासी में उत्साह फैल गया। लोग पुलिस के जयकारे लगाने लगे।