बीएसपी में वेतन समझौता न होने पर युवा कर्मी कभी भी बंद कर सकते हैं प्लांट

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में सम्मानजनक वेतनमान न मिलने पर युवा कर्मी कभी भी काम ठप कर सकते हैं। यह युवा कर्मी उन माडेक्स यूनिट में काम करते हैं जो एक तरह से संयंत्र की धड़कन कहलाते हैं और प्रबंधन की नब्ज है। युवा कर्मियों का मानना है कि कर्मचारियों का मुद्दा और संयंत्र हित दोनों ही हमारे लिए बहुत ही मायने रखता है।

परन्तु प्रबंधन ही हमें उल्टी तस्वीर दिखाने में लगा है। फायदे में चल रहे संयंत्र को घाटे में बताया जा रहा है। आक्रोश इसी बात को लेकर है। युवा कर्मचारी 15 फीसद एमजीबी, 35 फीसद पर्क्स, 09 फीसद पेंशन के साथ ही 2017 से एरियर्स की मांग कर रहे हैं।

संयंत्र की सभी प्रमुख यूनियनों के साथ बैठक कर अपनी मंशा भी इन्होंने जता दी है। बीते समय दो मौके ऐसे भी आए थे ,जब इन युवा श्रमवीरों की एकता ने दो विभागों में काम भी ठप कर दिया था। इस वजह से उनकी चेतावनी से प्रबंधन घबराया हुआ है।

भिलाई इस्पात संयंत्र के 16,500 कर्मचारियों का वेतन समझौता एक जनवरी 2017 से लंबित है। एनजेसीएस (नेशनल ज्वांइट कमेटी आफ स्टील) की लगातार बैठक के बावजूद अब तक किसी तरह के परिणाम सामने न आने, प्रबंधन द्वारा बैठक के लिए लगातार तारीख पर तारीख देने और की जारी मांग से कई गुना कम एमजीबी, पर्क्स का प्रस्ताव दिए जाने से कर्मचारियों का आक्रोश भड़का हुआ है।

वहीं सेल प्रबंधन इस पर इतना सबकुछ होने के बावजूद गंभीर नहीं दिख रहा है। इस अनदेखी से भिलाई इस्पात संयंत्र के युवा कर्मचारी भी आक्रोशित हो उठे हैं। इसकी चर्चा भिलाई इस्पात संयंत्र ही नहीं सेल की दूसरी यूनिट में भी चर्चा छिड़ी हुई है।

पांच हजार से अधिक है युवा कर्मचारी

भिलाई इस्पात संयंत्र के श्रमवीरों की कार्यसंस्कृति अलग ही रही है। कर्मचारियों के मुद्दे के साथ ही संयंत्र के हितों का भी ध्यान रखा जाता है। जिससे राष्ट्रहित भी प्रभावित न हो। युवा कर्मी भी इसी मंशा के साथ संयंत्र में काम कर रहे हैं। वर्तमान में संयंत्र के माडेक्स यूनिटों में इनकी संख्या करीब पांच हजार है।

माडेक्स यूनिट में यह हैं शामिल

भिलाई इस्पात संयंत्र में विस्तारीकरण परियोजना के तहत बनाए गए माडेक्स यूनिट में यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम), बार एंड राड मिल (बीआरएम), ब्लास्ट फर्नेस क्रमांक-8 (महामाया) और स्टील मेल्टिंग शाप-3 (एसएमएस-3) है। एक तरह से यह सभी विभाग बीएसपी की धड़कने हैं।

सभी यूनियन को बता चुके अपनी मांग

युवा कर्मियों ने एनजेसीएस में शामिल सदस्य यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ ही बैठक की। इसमें बकायादा अपनी मांग 15 फीसद एमजीबी, 35 फीसद पर्क्स, 09 फीसद पेंशन, एक जनवरी 2017 से एरियस की मांग रखी। यह भी चेताया कि यदि इससे कम पर एनजेसीएस में माना गया अथवा समझौता किया गया तो विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है।

प्रबंधन के माथे पर बल

कर्मचारी हित से जुड़े मुद्दे को लेकर बीते साल इन्हीं युवा कर्मचारियों ने दो विभागों में एक शिफ्ट में काम ठप भी कर दिया था। यह घटनाएं यूनिवर्सल रेल मिल और बार एंड राड मिल में हुई थी। मामला कर्मचारीहित से जुड़ा होने की वजह से प्रबंधन भी दबाव में आ गया था। हाल ही में यूनियनों द्वारा आयोजित प्रदर्शन में इन युवाओं की सक्रियता व हड़ताल की चेतावनी से प्रबंधन भी सकते में है।

– बीएसपी के आक्रोशित कर्मियों का आरोप, फायदे में चल रहे प्लांट को प्रबंधन घाटे में बता रहा

– 15 फीसद एमजीबी और 35 फीसद पर्क्स, 09 फीसद पेंशन और 2017 से एरियर्स की कर रहे हैं मांग

– संयंत्र के माडेक्स यूनिट बीआरएम, यूआरएम, फर्नेस-8 और एसएमएस-3 में हैं करीब पांच हजार युवा कर्मी

– सभी मुख्य यूनिट को युवा कर्मचारी ही चला रहे हैं। इसलिए काम ठप करने की चेतावनी से प्रबंधन घबराया हुआ है

-कर्मचारियों के लंबित मुद्दे की वजह से यूनियन भी हैं दबाव की स्थिति में

हमे सम्मानजनक वेतन समझौता चाहिए। वहीं सेल प्रबंधन की मंशा नहीं दिख रही है। कर्मचारी के मुद्दे और संयंत्र हित का पूरा ध्यान है। यूनियनों को बता दिया है कि हम हड़ताल के लिए तैयार हैं।

-रामकेश मीणा, युवा नेता एचएमएस