राष्ट्रीय समारोह के रूप में मनेगा माधवराव सप्रे का 150 वां जन्मदिवस

भोपाल। बीसवीं शताब्दी के शुरुआती दशकों में मध्यप्रदेश की बौद्धिक हस्ती माधवराव सप्रे का 150 वां जन्मदिवस, राष्ट्रीय समारोह के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर सप्रे के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित स्मारक ग्रंथ का विमोचन होगा। पत्रकारिता और साहित्य पर केंद्रित विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान दो समारोह आयोजित करेगा। एक भोपाल में और दूसरा रायपुर में होगा

सप्रे संग्रहालय के संस्थापक-संयोजक विजयदत्त श्रीधर ने बताया कि पं. माधवराव सप्रे हिंदी नवजागरण के पुरोधा थे। लोकमान्य तिलक की ओजस्वी विचारधारा को हिंदी जगत में प्रवाहित करने का कार्य उन्होंने किया। सप्रेजी ने भारत की राष्ट्रीयता का शंखनाद किया। हिंदी में अर्थशास्त्र विषय पर मौलिक लेखन करने वाले वे पहले विद्वान थे। काशी नागरी प्रचारिणी सभा के हिंदी विज्ञान कोश (1904- 05) में अर्थशास्त्र की शब्दावली सप्रेजी ने गढ़ी।

पं. माधवराव सप्रे ने हिंदी पत्रकारिता को संस्कारित किया। अखबार ‘छत्तीसगढ़ मित्र” के माध्यम से इस पिछड़े हुए अंचल में नवजागरण की ज्योति प्रज्ज्वलित की। हिंदी में पहले पहल शैक्षिक निबंध लिखने वाले सप्रे थे। उन्होंने हिंदी का समालोचना शास्त्र विकसित करने का आधारभूत कार्य किया। हिंदी की पहली मौलिक कहानी ‘एक टोकरी भर मिट्टी” सप्रे ने लिखी। हिंदी साहित्य सम्मेलन के देहरादून अधिवेशन (1924) के वे अध्यक्ष चुने गए थे। उन्होंने मातृभाषा के माध्यम से शिक्षा का सिद्धांत प्रतिपादित किया। सप्रे ने अनेक मराठी ग्रंथों का अनुवाद कर हिंदी साहित्य की श्रीवृद्धि की। गीता रहस्य के उनके अनुवाद के 30 संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं।

माखनलाल चतुर्वेदी, पं. द्वारकाप्रसाद मिश्र, सेठ गोविंददास, पं. लक्ष्मीधर वाजपेयी, मावलीप्रसाद श्रीवास्तव आदि विलक्षण प्रतिभाओं का प्रोन्नायन और परिष्कार सप्रेजी ने किया। विजयदत्त श्रीधर ने बताया कि इस अवसर पर पत्रकार डॉ. प्रकाश हिंदुस्तानी को माधवराव सप्रे राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा। भारत की पैड विमेन के नाम से प्रसिद्ध माया विश्वकर्मा को महेश गुप्ता सृजन सम्मान प्रदान किया जाएगा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विवि के पूर्व कुलपति प्रो.गिरीश्वर मिश्र को महात्मा गांधी सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा को हरिकृष्ण दत्त शिक्षा सम्मान प्रदान किया जाएगा।