केंद्र ने फर्जी रजिस्ट्रेशन की रिपोर्ट के बाद हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए वैक्सीन पंजीकरण किया बंद

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स का दोबारा से रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाए। इस श्रेणी के कुछ अयोग्य लाभार्थी अपने नाम को नियमों का उल्लंघन कर टीकाकरण के लिए सूचीबद्ध करवा रहे थे। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा है कि को-विन पोर्टल पर 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का रजिस्ट्रेशन जारी रहेगा। उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पहले से पंजीकृत स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के सार्वभौमिक टीकाकरण को जल्द से जल्द सुनिश्चित करने को कहा है।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि कुछ अयोग्य लाभार्थियों को स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में पंजीकृत किया जा रहा है और निर्धारित दिशानिर्देशों का पूरी तरह से उल्लंघन करते हुए उनका टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हेल्थकेयर वर्कर्स डाटाबेस में 24 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

स्वास्थ्य सचिव ने पत्र में लिखा- यह निर्णय लिया गया है कि HCW और FLWS की श्रेणियों में किसी भी नए पंजीकरण को तत्काल प्रभाव से अनुमति नहीं दी जाएगी। COWIN पोर्टल पर 45 वर्ष या अधिक आयु के व्यक्तियों के पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि अनुपालन के लिए इस नीतिगत निर्णय के व्यापक प्रसार के लिए संबंधित अधिकारियों को कृपया निर्देश दें। हालांकि, पहले से ही पंजीकृत एचसीडब्ल्यू और एफएलडब्ल्यू के सार्वभौमिक टीकाकरण को जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

अब तक  लगाए जा चुके सात करोड़ से अधिक टीके

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में करीब 43 लाख टीके लगाए गए हैं और इनकी कुल संख्या सात करोड़ को पार कर गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत ने कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान में एक नई ऊंचाई हासिल कर ली है। देशभर में कोरोना रोधी वैक्सीन की कुल 7.30 करोड़ से ज्यादा डोज दी जा चुकी हैं। मंत्रालय के मुताबिक टीकाकरण अभियान में अब तक 11.53 लाख टीका सत्रों का आयोजन किया गया है। 6.30 करोड़ लाभार्थियों को टीके की पहली डोज दी गई है, जबकि दूसरी डोज ले चुके लोगों का आंकड़ा भी 99.72 लाख पर पहुंच गया है।