70 फीसद लोग लगवाएंगे टीका, तभी सुरक्षित होगा इंदौर

इंदौर। कोरोना की वैक्सीन हमको निडर होकर लगवानी चाहिए। इसे लेकर लोगों में जो भ्रांतियां और संदेह हैं, वे सब निराधार हैं। जब तक 70 फीसद लोग वैक्सीन नहीं लगवाएंगे, तब तक इंदौर संक्रमण से सुरक्षित नहीं रह सकेगा। इसलिए टीकाकरण केवल एक शासकीय कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जनता की नैतिक जिम्मेदारी भी है। इस समय देश में कोविशील्ड और कोवैक्सीन दो तरह के टीके उपलब्ध हैं और दोनों समान रूप से प्रभावी हैं। दोनों की सुरक्षा दर 80 प्रतिशत से ज्यादा है। कोरोना महामारी से बचाव के लिए जारी वैक्सीनेशन को नामी डाक्टरों और विशेषज्ञों ने इस तरह सुरक्षित बताया। साथ ही कहा कि वैक्सीनेशन को हमें जन आंदोलन बनाना होगा। शनिवार को संभागायुक्त कार्यालय में एमजीएम मेडिकल कालेज और एमवाय अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा विशेषज्ञ पत्रकारों से मुखातिब हुए।

इसमें मेडिकल कालेज के डीन डा. संजय दीक्षित, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय के प्रमुख डा. हेमंत जैन, डा. सलिल भार्गव व डा.वीपी पांडे ने कई शंकाओं का समाधान किया। वैक्सीनेशन को लेकर एक प्रेजेंटेशन भी दिया गया। डा. दीक्षित और डा. जैन ने कहा कि कोरोना की वैक्सीन को कड़े परीक्षण के बाद अनुमति दी गई है। इसलिए मन से यह विचार निकाल दें कि यह ड्रग ट्रायल है। जिसे टीके का एक डोज लग चुका है, इसके बाद भी कोई संक्रमित हो रहा है तो वे भी तीन-चार सप्ताह रुककर दूसरा डोज लगवा लें।

हमारे पास 2500 बेड अब भी खाली : संभागायुक्त डा. पवन शर्मा ने शहर के अस्पतालों में बेड की स्थिति के बारे में भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा हमारे पास 6200 बेड हैं। इसमें से 3700 भरे हैं। एमटीएच और अन्य अस्पतालों में अभी भी 2500 बेड खाली हैं।

आज मनाएं वैक्सीनोत्सव : अब 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगाया जा रहा है। रविवार की छुट्टी को वैक्सीनोत्सव के रूप में मनाएं। अपने नजदीकी केंद्र पर पहुंचकर स्वयं और स्वजन को वैक्सीन अवश्य लगवाएं।