भाजपा का स्थापना दिवस कल, पखवाड़े भर किया जाएगा आयोजन

बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी स्थापना दिवस के बहाने राज्य सरकार के खिलाफ लामबंद होने लगी है। इस बार स्थापना दिवस छह अप्रैल से एक पखवाड़े तक आयोजन किया जाएगा। इस बहाने पदाधिकारी बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में जुटी हुई है।

भाजपा इस बार अपने स्थापना दिवस को छह अप्रैल से 12 अप्रैल तक स्थापना दिवस पखवाड़ा के रूप में मनाएगी। कांग्रेस सरकार को अब सवा दो साल पूरा होने जा रहा है। लेकिन भाजपा को चुनाव का ब्रेसब्री से इंतजार है। यही वजह है कि पार्टी पदाधिकारी दो साल पहले से ही चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से ही भाजपा के केंद्रीय संगठन की नजर छत्तीसगढ़ पर है। केंद्रीय नेतृत्व तक यह बात पहुंच गई है कि 15 साल तक सत्तासीन कार्यकाल में पार्टी के कार्यकर्ताओं को नेता व मंत्रियों भूला दिया था। इससे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी थी।

अब पार्टी के पदाधिकारियों को जमीनी स्तर पर पार्टी को फिर से मजबूत करने का टास्क दिया गया है। यही वजह है कि संगठन की बैठकों में भी हर बार बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर ही बल दिया जाता रहा है। आने वाले समय में भाजपा अपने संगठन के जिला के साथ ही मंडल व बूथ स्तर की गतिविधियों पर ज्यादा जोर देने का प्रयास रही है।

उनकी बैठक में सिर्फ एक बात की चर्चा होती है कि बूथ स्तर से लेकर मंडल स्तर, जिला स्तर तक संगठन को और मजबूत बनाते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जाए। छह अप्रैल को भाजपा का स्थापना दिवस है। इस बहाने संगठन ने इस बार जिला के साथ ही मंडल एवं बूथ स्तर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

ताकि इस बहाने आगामी 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उतरने से पूर्व जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जा सके। यही वजह है कि स्थापना दिवस पर संगठनात्मक मुद्दों को भूलकर इस बार सामाजिक मुद्दों को शामिल किया गया है। स्थापना दिवस पर छह अप्रैल से 12 अप्रैल तक पखवाड़ा के रूप में मना कर कार्यक्रमों में समाज प्रमुखों, बुद्धजीवियों, वरिष्ठजनों, महिला, युवाओं को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।