ब्रेकिंग
शेयर बाजार में फिर गिरावट का दौर जारी मुख्यमंत्री चौहान संबल योजना के नये स्वरूप संबल 2.0 के पोर्टल का करेंगे शुभारंभ राहुल गांधी ने ऐसे कोई संकेत नहीं दिए कि वो पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे कांग्रेस चिंतन शिविर: राजस्थान से रायपुर लौटे CM बघेल, एयरपोर्ट पर कांग्रेसियों ने मिठाई खिलाकर किया स्वागत बैंक में पैसा जमा करने व निकालने के संबंध में लाया गया नया नियम, 26 मई से होगा प्रभावी मौनी रॉय की इन तस्वीरों पर दिल हारे फैंस, समुद्र के बीच से शेयर की ग्लैमरस PICS आज फिर बढ़ी सीएनजी की कीमतें CG में जिगरी दोस्त बने दुश्मन: साथियों ने बीच सड़क अपने दोस्त का मुंह किया काला, पीड़ित ने रो-रोकर पुलिस से बताई आपबीती रूह कंपा देने वाली घटना: यात्री बस ने बाइक सवारों को रौंदा, मां और बच्ची की मौके पर ही दर्दनाक मौत बिटक्वाइन 30 हजार डॉलर के नीचे अटका, Dogecoin, Shiba Inu, Solana भी गिरे

विद्यार्थी नहीं देख सकेंगे कॉपियां, रिव्यू में सिर्फ आनलाइन लगेंगी आपत्ति

इंदौर। बढ़ते संक्रमण को देखेत हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय अगले कुछ दिन के लिए रिव्यू के तहत कॉपियां दिखाने की व्यवस्था को बंद कर सकता है। वरिष्ठ अधिकारी इसके लिए मंथन करने में लगे हैं। अधिकारियों का तर्क है कि संक्रमणकाल में विद्यार्थी मूल्यांकन केंद्र आएंगे। जहां उनका प्रोफेसर-कर्मचारियों से संपर्क होगा। साथ ही कॉपी देखने के लिए उन्हें छूना भी पड़ेगा। एेसी परिस्थितियों में कॉपियां दिखाना सही नहीं होगा। वैसे कॉपियों के ठीक से मूल्यांकन नहीं होने पर विद्यार्थियों की आनलाइन आपत्ति स्वीकारी जाएगी। फिर मूल्यांकन केंद्र आए बिना छात्र-छात्राओं की प्रोफेसरों से कॉपियां जांचवाई जाएगी।

दरअसल कोरोना की दूसरी लहर आते ही विश्वविद्यालय में संक्रमितों की संख्या बढ़ गई है। बीते दिनों मूल्यांकन केंद्र के तीन ओएसडी संक्रमित हो गए है। इसके चलते मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े प्रोफेसर और ओएसडी काफी डरे हुए है। विद्यार्थियों और स्टाफ की चिंता सताते हुए मूल्यांकन केंद्र प्रभारी डा. राजेंद्र सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों को सुझाव दिया था कि रिव्यू के तहत कॉपियां दिखाई जाने वाली व्यवस्था को कुछ दिन बंद कर सकते है। उत्तर पुस्तिका को लेकर विद्यार्थियों की आपत्तियां आनलाइन बुलाई जाए। इसके आधार पर छात्र-छात्राओं की कॉपियां जांची जा सके। इसके लिए उन्हें केंद्र तक आने की भी जरूरत नहीं है। बाद में दोबारा मूल्यांकन होते ही कॉपियां उनके ई-मेल पर भेजा जा सके। सुझाव पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी विचार-विमर्श करने में लगे है।

बताया जाता है कि रोजाना कॉपी देखने के लिए 100 छात्र-छात्राएं केंद्र तक पहुंचते हैं, जो इंदौर के अलावा धार, अालीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी से आते है। परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी का कहना है कि लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। विश्वविद्यालय में भी विद्यार्थियों की आवाजाही कम करने के लिए रिव्यू के तहत सिर्फ कॉपी दिखाने की व्यवस्था कुछ दिन बंद करेंगे। वैसे इसके लिए अधिकारियों से चर्चा करना है। यह फैसला अगले दो-तीन दिन में लिया जाएगा।