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सबरीमाला पहुंचे केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद, बेटे के साथ आज भी करेंगे भगवान अयप्पा की पूजा अर्चना

तिरुअनंतपुरम। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान रविवार को सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने पांच किमी का पहाड़ी रास्ता पैदल तय किया। इस दौरान वे पारंपरिक माला पहने हुए थे। सभी श्रद्धालुओं की तरह वे अपने साथ ‘इरुमुदी केट्टू’ (पूजन सामग्री की पारंपरिक थैली) भी ले गए। राज्यपाल करीब पांच बजे पंबा पहुंचे। सबरीमाला के रास्ते में पड़ने वाले ववार स्वामी के मंदिर में भी उन्होंने दर्शन किये।

देवस्वोम बोर्ड के प्रमुख ने अगवानी की

बाद में राज्यपाल ने एक ट्वीट में ववर स्वामी (Vavar Swami) के स्थान को सांप्रदायिक सौहार्द और एकता का प्रतीक बताया। यह जानकारी देवस्वोम बोर्ड ने दी। राज्यपाल के साथ उनके छोटे पुत्र कबीर खान भी रहे। अयप्पा मंदिर में उनकी अगवानी त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के प्रमुख एन. वसु और अन्य सदस्यों ने की।

सोमवार को भी मंदिर में करेंगे पूजा

राज्यपाल सोमवार को भी मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। वे मलिकापुरम में पौधा भी रोपेंगे। यह मंदिर 10 अप्रैल को विष्णु महोत्सव के लिए खोला गया है। कोरोना प्रोटोकाल के कारण महोत्सव के दौरान आम श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित रहेगा।

महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर रहा है विवाद

उल्लेखनीय है वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से प्रतिबंध हटाए जाने के बाद सबरीमाला तीर्थ चर्चाओं में रहा है। परंपराओं के अनुसार भगवान अयप्पा को ब्रह्मचारी माना जाता है। इसी कारण इस मंदिर में 10 से पचास साल की महिलाओं का प्रवेश वर्जित रहता है।

भाजपा-संघ ने खोल दिया था मोर्चा

लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने जब घोषणा की कि वे शीर्ष अदालत के फैसले को लागू करेंगे तो भाजपा-संघ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उधर श्रद्धालु भी महिलाओं को मंदिर में प्रवेश देने का कड़ा विरोध करने लगे। 2019 के लोकसभा चुनाव में एलडीएफ को अपेक्षित सफलता न मिलने पर माना गया कि सबरीमाला मंदिर का विवाद उसे भारी पड़ा। यहा मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पीठ के समक्ष विचाराधीन है।