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सब्जियों का रंग, स्वाद और पोषक तत्व बरकरार रखेगा हाइब्रिड ड्रायर

ग्‍वालियर। ग्वालियर के माधव तकनीकी एवं विज्ञान संस्थान (एमआइटीएस) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक मनोज गौर ने हाइब्रिड ग्रीन हाउस ड्रायर तैयार किया है। पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाले इस ड्रायर में ताजा कटी हुई सब्जी, फल और जड़ी-बूटियों को सुखाया जाता है। 2.1 वर्गमीटर आकार के इस ड्रायर को घर की छत पर भी रखा जा सकता है। एक बार में इसमें पांच से सात किलो फल सब्जी सुखा सकते हैं। जल्द ही यह ड्रायर बाजार में उपलब्ध होगा। इसकी कीमत 60 से 70 हजार रुपये रहेगी।
हाइब्रिड ग्रीन हाउस ड्रायर का भारत सरकार की संस्था इंटेलेक्चुअल प्रापर्टी आफ इंडिया (आइपी इंडिया) में पेटेंट कराने के लिए आवेदन किया गया है, जिसमें अंतिम चरण का क्लीयरेंस मिल गया है। बस सर्टिफिकेट मिलना बाकी है।
ऐसे करता है काम: छोटे से बंद टेंटनुमा ड्रायर स्ट्रक्चर में हीट दो विधियों से उत्पन्न होती है। एक तो पालीकार्बोनेट शीट से ढका होने से इसमें ग्रीन हाउस प्रभाव उत्पन्न होता है और दूसरा सौर ऊर्जा से गर्म हुए पानी को तांबे की नलियों से बने जालनुमा स्टैंड पर घुमाया जाता है। इस गर्म पानी के स्टैंड के ऊपर सब्जियों को रख दिया जाता है। डबल इफेक्ट होने से ड्रायर के अंदर का तापमान 75 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इतने तापमान से सब्जी के अंदर मौजूद पानी का वाष्पीकरण होने लगता है। इस वाष्प को छोटे डीसी फैन के जरिये ड्रायर से बाहर निकाल दिया जाता है। ऐसा करने से अंदर का तापमान, लगातार अधिक बना रहता है जो सब्जियों को जल्दी सुखा देता है। वहीं, सब्जियोंपर सीधे सूर्य की किरणें नहीं पड़ने से उनके काले पड़ने की आशंका भी नहीं रहती। रंग, स्वाद व पोषक तत्व भी बरकरार रहते हैं।
किसानों के लिए वरदान : प्रोफेसर गौर बताते हैं कि वे किसान जो टमाटर, गोभी, लौकी, बैगन या अन्य कोई फसल उगा रहे हैं और उन्हें वाजिब दाम नहीं मिल पाते, उनके लिए यह ड्रायर बेहद उपयोगी साबित होगा। वह अपनी फसल को सुरक्षित तरीके से ड्रायर में सुखाकर पैकिंग कर उस समय बेच सकते हैं जब बाजार में इनके उचित दाम हों। ड्रायर में सुखाई गई सब्जियां पानी में उबालने पर अपने मूल रूप में दिखाई देने लगते हैं।
खुले में फल, सब्जी या जडी-बूटी को सुखाने में समय अधिक लगता है और उनका रंग भी बदल जाता है। इसलिए ड्रायर का उपयोग किया जाता है। फैक्ट्री में इलेक्ट्रिक ड्रायर का उपयोग अधिक होता है। कुछ किसान सौर ऊर्जा से चलने वाला ड्रायर उपयोग कर रहे हैं पर सौर ऊर्जा के साथ गर्म पानी का उपयोग नई तकनीक है। ऐसा ड्रायर अब तक नहीं देखा गया है।
– प्रो. डा. राज सिंह कुशवाह, प्रधान विज्ञानी पर्व प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालियर

यहाँ पर कुछ लोग मशरूम सुखाने के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले ड्रायर का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उसका रंग परिवर्तित नहीं होता है। मगर महंगा होने से हर कोई इसका उपयोग नहीं करता। सौर ऊर्जा के साथ वाटर हीटर का प्रयोग अच्छी तकनीक है। इसमें समय की अधिक बचत होगी और स्वाद व रग भी नहीं बदलेगा
प्रो. डा. प्रवीण गुर्जर, विज्ञानी, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय
6 हायब्रिड ग्रीन हाउस ड्रायरपर पिछले दो साल से काम रहा हूँ। तांबे के पाइप से गर्म पानी गुजारना इसकी खासियत है। मार्केट में मौजूद ड्रायर बिजली से संचालित किए जाते हैं, -जिसमें समय और पैसा ज्यादा खर्च होता है। फल-सब्जी और जड़ी-बूटियों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।
– प्रो. मनोज गौर, एमआइटीएंस