Jain
ब्रेकिंग
महू में दो गुटों में विवाद के बाद बम फोड़ा; 2 की मौत, 15 से ज्यादा घायल रोटी भी बदल सकती है किस्मत डीजीपी का सिल्वर मेडल भी आज लखनऊ में देंगे एडीजी जोन,खुशी की लहर देर शाम आई सभी के पास प्रशासन फोन कॉल, 30 स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों किया गया था आमंत्रित आजादी के अमृत महोत्सव के लिए रंग बिरंगी रोशनियों से सजा ग्वालियर दुगरी फेस-1 में हुआ हमला,अदालत में गवाही न देने के लिए हमलावर बना रहे थे दबाव भाजयुमो के मंत्री ने कार के सन रूफ से निकलकर झंडे की फोटो की थी पोस्ट 100 फूट ऊंचा लहरा रहा तिरंगा,लाइटों से जगमगाया शहर, दुल्हन की तरह सजी सड़कें रैली निकालकर लगाए भारत माता की जयकारे, बच्चों और ग्रामीणों ने किया समरसता भोज राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने किया ध्वजारोहण

घर में ही गंगाजल से पवित्र स्नान करें, मिलेगा पुण्य

रायपुर।  हिंदू नव संवत्सर के एक दिन पहले 12 अप्रैल सोमवार को शुभदायी एवं पवित्र मानी जाने वाली सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। इस दिन पापों के निवारण और पुण्य फल की प्राप्ति के लिए गंगा, जमुना समेत देशभर की पावन नदियों में डुबकी लगाने की मान्यता है। छत्तीसगढ़ में भी राजिम के त्रिवेणी संगम और राजधानी के महादेवघाट, खारुन नदी समेत अन्य शहरों में सोंढूर, पैरी, महानदी तट पर डुबकी लगाने श्रद्धालु पहुंचते हैं। इन दिनों कोरोना महामारी के चलते लाकडाउन लगा होने से श्रद्धालु सुरक्षा अपनाते हुए नदियों में स्नान करने की बजाय अपने घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करेंगे।

मन पवित्र हो, आस्था से पुण्य
सुरेश्वर महादेव पीठ के संस्थापक एवं छत्तीसगढ़ संत महासभा के प्रमुख स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती का कहना है कि समय काल, परिस्थिति के अनुसार धार्मिक नियमों का पालन करना चाहिए। शास्त्रों में पवित्र नदियों में स्नान करने का उल्लेख है , लेकिन यदि महामारी फैली हो अथवा नदी का जल प्रदूषित हो चुका हो तो समय काल के अनुरुप अन्य विकल्प अपनाए जाने चाहिए।
चूंकि गंगा नदी को अति पावन माना जाता है, गंगाजल बरसों तक घर में रखने के बावजूद वह खराब नहीं होता और पूजा-पाठ में उसका इस्तेमाल किया जाता है। इस बार सोमवती अमावस्या पर बाल्टी में ही गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान करें। पूजा पाठ के लिए मन में पवित्र भाव और आस्था होनी चाहिए, उसका पुण्य फल अवश्य प्राप्त होता है इसलिए घर पर ही गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें।
इस साल एक मात्र सोमवती अमावस्या
चैत्र अमावस्या को पड़ रही सोमवती अमावस्या की खास बात यह है कि यह साल 2021 की एकमात्र सोमवती अमावस्या है। धर्म शास्त्रों में सोमवती अमावस्या के दिन किए गए दान का विशेष महत्व माना गया है, ऐसी मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन स्नान-दान करने से घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है।

शिव-पार्वती,तुलसी की पूजा करें
इस बार नदी में स्नान संभव नहीं है इसलिए घर पर गंगाजल से स्नान करके शिव-पार्वती और तुलसी पौधे की पूजा करें। सुहागिनें अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखें। यह भी मान्यता है कि पितरों काे तर्पण उनके निमित्त दान करने से पूरे परिवार पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। यदि किसी व्यक्ति के कुंडली में पितृदोष है तो सोमवती अमावस्या का दिन कुंडली के पितृदोष निवारण के लिए उत्तम दिन माना गया है।