हाई कोर्ट ने कहा- भू-माफिया के खिलाफ एनएसए के तहत की गई कार्रवाई सही

ग्वालियर। हाई कोर्ट की युगलपीठ ने गुना के भू-माफिया सुरेंद्र जाट के खिलाफ की गई एनएसए(राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की कार्रवाई को सही माना है। कोर्ट ने आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की स्वतंत्रता दी है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि समाज की सुरक्षा एवं समाज को अपराधियों से संरक्षित करने के लिए इस अधिनियम का उपयोग किया जाना चाहिए। अपराध और विकार दोनों साथ-साथ चलते हैं, अपराधों को रोकने के लिए यह अधिनियम एक निवारक उपाय है। कोर्ट ने आरोपित कल्ला उर्फ सुरेंद्र जाट की याचिका को भी खारिज कर दिया है। सुरेंद्र जाट ने गुना कलेक्टर की एनएसए की कार्रवाई को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि याचिकाकर्ता सार्वजनिक शांति व्यवस्था के लिए खतरा बन गया है। ऐसे में उसे हिरासत में लिए जाने के लिए कलेक्टर गुना के दिए गए आदेश में हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने आदेश की प्रति कलेक्टर गुना को आदेश का पालन करने के लिए भेजे जाने के निर्देश भी दिए हैं। ज्ञात हो कि एनएसए की कार्रवाई के बाद से ही आरोपित सुरेंद्र जाट फरार है।

क्या है मामलाः कोतवाली थाना प्रभारी गुना ने आरोपित सुरेंद्र जाट के 20 साल के आपराधिक रिकार्ड को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोे आरोपित के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई किए जाने की सिफारिश की थी। पुलिस की ओर से कहा गया कि आरोपित समाज के लिए खतरा बन गया है इसलिए उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है। आरोपित का लोगों में इतना भय व्याप्त है कि उसके खिलाफ कोई भी गवाही नहीं देता है न ही उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज कराता है। आरोपित पर सरकारी जमीन बेचने व लोगों की निजी जमीन को भी बेचे जाने को लेकर 20 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने 19 जनवरी 2021 को सुरेंद्र जाट के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं।