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ग्वालियर में सूर्य काे अर्घ्य देकर किया नव संवत्सर का स्वागत

ग्वालियर। जलविहार में शहरवासियाें ने परंपरागत तरीके से सूर्य काे अर्घ्य देकर नव संवत्सर का स्वागत किया। इस माैके पर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी सहित अन्य लाेग माैजूद थे। हालांकि काेराेना संकट काे देखते हुए इस बार बैसाखी, रमजान, गुड़ी पड़वा और चेटीचंड पर्व शहरवासी भव्यता से नहीं मना सकेंगे। प्रशासन के आदेशानुसार त्योहार की शुभकामनाएं लोग एक-दूसरे को सुरक्षित शारीरिक दूरी के साथ दे सकेंगे। वहीं मंदिर, गुरुद्वारा, मस्जिद आदि धार्मिक जगहों पर भी पाबंदियों के साथ ही पर्व मनाए जाएंगे, क्योंकि सालभर के त्योहारों में कोरोना ने भंग घोल दी है। इसलिए एक-दूसरे को गले मिलकर या मिठाई खिलाकर नहीं बल्कि सुरक्षित शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए हाथ जोड़कर ही बाधाईयां दे सकेंगे। सभी धर्म के धर्म-गुरुओं ने कोरोना संक्रमण से बचाव करते हुए पर्व मनाने की शहरवासियों से अपील की है।

कीर्तन दरबार लगाः बैसाखी पर फूलबाग स्थित गुरुद्वारे पर कीर्तन दरबार लगा। इससे पहले अखंड पाठ के साथ भोग लगाया गया। उसका प्रसाद स्वरूप वितरण भी किया गया। सुबह 9.30 बजे अखंड पाठ की शुरुआत हुई। जिसके बाद सुबह 10.30 बजे कीर्तन दरबार लगाया गया। गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को दो गज की दूरी के साथ बैठाया गया। वहीं गुरुद्वारे में गोले बनाए गए हैं, जिससे सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन भी कराया गया। वहीं प्रवेश द्वार पर मास्क वितरित किए गए। साथ ही सैनिटाइज भी किया गया।

फोन पर ही अपनों को दी गुड़ी पड़वा की बधाईयांः मराठी समाज ने गुड़ी पड़वा का त्योहार परिवारजनों के साथ मनाया। सूर्य के सामने गुड़ी कपड़े के साथ बांधी गई। उसके ऊपर चांदी का गिलास या लोटा लगाया गया। फूलमाला पहनाकर महिलाआें ने पूजा की। यह त्योहार परिवार के साथ ही लोग मनाते हैं, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से एक-दूसरे के घर न जाते हुए फोन पर ही बधाईयां दी।

चेटीचंड पर स्टॉल लगाकर नहीं होगा प्रसाद वितरण

सिंधी समाज का मुख्य पर्व भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव चेटीचंड भी बनाया जाएगा। सिंध नवयुवक सामाजिक सुरक्षा मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि हर साल श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण के लिए स्टॉल लगाए जाते थे, लेकिन इस बार कोरोना संकट को देखते हुए स्टॉल न लगाते हुए घर-घर जाकर प्रसाद दिया जाएगा।