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ताले टूटे बिना विश्वविद्यालय के होस्टल में चोरी, लैपटाप व कीमती सामान गायब

इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के रवींद्रनाथ टैगोर होस्टल में चोरी की घटना सामने आई है। जहां बिना ताले तोड़े कमरों से लैपटाप सहित कई कीमती सामान गायब हुआ है। विद्यार्थियों ने भंवरकुआं थाने में शिकायती आवेदन दिया है। छात्रों के मुताबिक तीन-चार कमरों में ताले लगे हैं। मगर सामान पूरी तरह यहां-वहां बिखरा हुआ है, जबकि वार्डन का कहना है कि कई बार होस्टल खाली करने के लिए विद्यार्थियों को बोला है लेकिन विद्यार्थी चीफ होस्टल वार्डन के निर्देश पर रुके हैं। उधर थाने से पुलिस ने भी जांच कर ली है।
घटना खंडवा रोड स्थित रवींद्रनाथ टैगोर होस्टल में हुई है। छात्र कल्पित मिश्रा ने बताया कि होली पर घर गया था। लौटने के बाद कमरे से कुछ सामान गायब हो गया। सप्ताहभर बाद फिर मेरे कमरे से लैपटाप चोरी हो गया। इसके बारे में वार्डन को बताया। यहां के स्टाफ से भी पूछा। मगर कुछ पता नहीं चल सका। बाद में बाकी कमरों में खिड़की से देखा तो वहां भी सामान बिखरा पड़ा था, जबकि ताले नहीं तोड़े गए। विश्वविद्यालय के अधिकारियों को जानकारी दी। फिर भंवरकुआं थाने में आवेदन दिया है।

शिकायत के बाद पुलिस ने जांच की तो पाया कि ताले छात्रों ने लगाए हैं। उसकी चाबी होस्टल प्रबंधन के पास नहीं है। इसके लिए छात्रों के होस्टल में लौटने का इंतजार किया जा रहा है। वार्डन डा. जितेंद्र सिंह ने बताया कि एक ही छात्र ने सामान गायब होने के बारे में बताया है। स्टाफ से भी पूछा गया तो कोई जानकारी नहीं होना बताया। सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस ने देखे हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमण की वजह से होस्टल में छात्रों को ठहरने की अनुमति नहीं थी। मगर ये छात्र चीफ वार्डन के निर्देश पर रुके हुए हैं।

चीफ वार्डन डा. जीएल प्रजापति ने बताया कि दरअसल पिछले साल मार्च में लाकडाउन की वजह से विश्वविद्यालय के जवाहरलाल होस्टल और जगदीशचंद बसु होस्टल में कुछ छात्र रह गए थे। वे अपने घर नहीं जा सके। बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को रवींद्रनाथ टैगोर होस्टल में शिफ्ट किया ताकि इन्हें राशन सहित अन्य सामान दिया जा सके। सितंबर में कुलपति और प्रभारी रजिस्ट्रार से चर्चा की थी। काफी समय से इन्हें होस्टल खाली करने के लिए बोला जा रहा है।