इस मुक्तिधाम में हर घंटे जलाए जा रहे चार से पांच शव, चारों ओर नज़र आती है चिता की आग

जबलपुर। गढ़ा क्षेत्र स्थित चौहानी मुक्तिधाम में रोजाना हर घंटे चार से पांच शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। मुक्तिधाम में चारों तरफ चिता की आग जलती रहती है जिसे देखकर लोगों का कलेजा फट जाता है, उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इस मुक्तिधाम में 48 घंटे के भीतर 125 से ज्यादा शव जलाए जा चुके हैं। जिनके शव जलाए गए वह या तो कोरोना संक्रमित थे अथवा कोरोना की आशंका के चलते घर अथवा अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

इधर, कोरोना महामारी विकराल रूप लेती जा रही है। वर्ष 2020 से लेकर अब तक एक दिन के भीतर सर्वाधिक 877 नए मरीज सामने आए जबकि सात मरीजों की मौत हुई। इस प्रकार जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 27 हजार 408 पहुंच गई है। रविवार को कोरोना संक्रमण से मुक्त होने पर 660 लोगों को होम व संस्थागत आइसोलेशन से छुट्टी दी गई जिसके बाद महामारी से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़कर 21 हजार 462 हो गई। जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों में रविवार को जान गंवाने वाले मरीजों को मिलाकर कोरोना वायरस अब तक 332 लोगों की जान ले चुका है। सैकड़ों की तादात में नए मरीज सामने आने के कारण सक्रिय मरीजों की संख्या 5 हजार 606 हो गई है। इधर, रिकवरी दर घटकर 81.95 फीसद पर आ गई है। रविवार को 2 हजार 914 सैंपल की रिपोर्ट प्राप्त हुई तथा एक हजार 885 संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए वायरोलॉजी लैब् भेजे गए।

मंडला से आए मरीज ने एम्बुलेंस में तोड़ दिया दम: इधर, मंडला जिला अस्पताल से रेफर होकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे कोरोना संक्रमित मरीज ने एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया। मरीज की मौत के बाद स्वजन ने अस्पताल की उपचार व्यवस्था पर आक्रोश जाहिर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मरीज को भर्ती नहीं किया गया। वे आधे घंटे तक मेडिकल में दर—दर भटकते रहे। इस बीच उपचार न मिल पाने के कारण मरीज की मौत हो गई।

72 शवों का अंतिम संस्‍कार: रविवार को गढ़ा चौहानी, तिलवारा, बिलहरी मुक्तिधाम में कोरोना संक्रमित व संदिग्ध 72 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। बताया जाता है कि 54 शव चौहानी, 15 तिलवारा व तीन का अंतिम संस्कार बिलहरी में किया गया। चौहानी में देर रात तक शव जलाए जाते रहे।

कोरोना संदिग्ध की मौत, निजी अस्पताल में हंगामा: कोरोना संदिग्ध मरीज की मौत के बाद मदनमहल स्थित शुभम अस्पताल में हंगामा मच गया। जानकारी के अनुसार संजीवनी नगर निवासी मरीज को शुभम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोरोना संदिग्ध मानकर उसका उपचार किया जा रहा था। स्वजन का आरोप है कि उपचार के दौरान मरीज का आक्सीजन मास्क चेहरे से हट गया था। जिसे लगाने के लिए वे कर्मचारियों को बुलाते रह गए। कर्मचारी विलंब से पहुंचे तब तक मरीज की मौत हो चुकी थी।

रेमडेसिविर इंजेक्शन के 21 बॉक्स पहुंचे: राज्य शासन के प्रयास पर रविवार को राजकीय विमान से रेमडेसिविर इंजेक्शन के 39 बॉक्स डुमना विमानतल पहुंचे। इनमें से 21 बाक्स इंजेक्शन जबलपुर के खाते में आए शेष अन्य जिलों को भेज दिए गए। एक बाक्स में 48 इंजेक्शन रहते हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुरारिया ने बताया कि इस प्रकार जबलपुर के लिए 813, कटनी—304, नरसिंहपुर—185, सिवनी—134, छिंदवाड़ा—234, बालाघाट—148, डिंडौरी—75 व मंडला के लिए 85 रेमडेसिविर इंजेक्शन भेजे गए हैं।

फैक्ट फाइल

कुल संक्रमित—27408

स्वस्थ हुए—21452

सक्रिय मरीज—5606

मृत्यु—332