ब्रेकिंग
ना बैनर लगाऊंगा, ना पोस्टर लगाऊंगा, ना ही किसी को एक कप चाय पिलाऊंगा, उसके बाद भी अगले लोकसभा चुनाव में भारी मतों से चुन कर आऊंगा, यह मेरा अहंकार नहीं... नए जिला बनाने पर बड़ा बयान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ऐसे बयान की किसी को नही थी उम्मीद छत्तीसगढ़ में लगातार पांचवे उपचुनाव में कांग्रेस जीती, भाटापारा मंडी में जमकर हुई आतिशबाजी, मंडी अध्यक्ष सुशील शर्मा ने कहा भानूप्रतापपुर की जीत मुख्य... Choosing Board Webpage Providers 5 Reasons to Ask Someone to Write My Essay For Me 5 Reasons to Ask Someone to Write My Essay For Me Avast Password Off shoot For Stainless- Antivirus Review - How to Find the very best Antivirus Computer software आर्थिक आधार से गरीब लोगों के आरक्षण में कटौती के विरोध में आज भाटापारा अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय जाकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया Money Back Guarantee For Paper Writer

शोपियां में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू, दो आतंकी घेराबंदी में फंसे

जम्मू। कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। अभी तक मिल रही सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने दो आतंकियां को घेर लिया है। दोनों ओर से फायरिंग जारी है। अन्य विवरण प्रतीक्षारत हैं।

कश्मीर पुलिस ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि शोपियां के जीपोरा में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो चुकी है। जल्द ही आतंकियों का खात्मा कर दिया जाएगा।

सुरक्षाबलों को गत 11 अप्रैल को जिला शोपियां के चित्रीगाम और जिला अनंतनाग के बीजबेहाड़ा क्षेत्र में संपन्न हुई मुठभेड़ में पांच आतंकियों को मार गिराने में सफलता हासिल हुई थी। जिला शोपियां में अल बदर के जिला कमांडर सहित तीन आतंकवादी मारे गए थे जबकि बीजबेहाड़ा में दो आतंकियों को मौत के घाट उतारा गया था। हैरानगी की बात यह रही कि शोपियां में मारे गए आतंकवादियों में एक 14 वर्ष का आतंकी भी शामिल था। अगर पिछले 15 दिनों की बात की जाए तो कश्मीर घाटी में अब तक 15 के करीब आतंकवादियों को मार गिराया गया है।

कश्मीर के चित्रीगाम में 10 और 11 अप्रैल को मारे गए तीन आतंकियों में 14 वर्ष का फैसल गुलजार गनई भी शामिल था। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने 14 वर्ष के आतंकी से आत्मसमर्पण करवाने के काफी प्रयास भी किए थे। उसके परिजनों की भी मदद ली गई थी लेकिन इस दौरान मुठभेड़ स्थल पर मौजूद एक अन्य आतंकी कमांडर ने आतंकी को आत्मसमर्पण करने से इंकार कर दिया था।

कश्मीर में किशोरों का आतंकी बनना नया नहीं है

कश्मीर में पिछले 30 वर्षों से जारी आतंकी हिंसा के इतिहास को अगर खंगाला जाए तो पता चलेगा कि पूर्व में ऐसी कई आतंकी घटनाओं में किशोर आतंकी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2000 में श्रीनगर के बादामी बाग सैन्य छावनी पर एक किशोर आतंकी ने ही हमला किया था। इसके उपरांत वर्ष 2004 में सेना ने 12 से 17 वर्ष के 9 किशोर आतंकियों को पकड़ा था। अगस्त 2012 में दो किशोर आतंकियों की मदद से सोपोर में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड हमले करवाए गए थे। वर्ष 2017 में 15 किशोर आतंकी बने थे। वर्ष 2018 में सात किशोर आतंकियों को पकड़ा गया था।