ब्रेकिंग
उदयपुर हत्याकांड के विरोध में बंद रहा बाजार, चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे जवान यूपीएसएसएससी पीईटी नोटिफिकेशन जारी काशी विश्वनाथ धाम में अब बज सकेगी शहनाई, होंगी शादियां प्रदेश में मंत्री से लेकर संतरी तक भ्रष्टाचार में संलिप्त, भ्रष्टाचारियों की गिरफ्तारी के मुद्दे पर आप लड़ेगी निगम चुनाव अज्ञात युवकों ने कॉलेज कैंटीन में बैठे 3 छात्रों पर किया तेजधार हथियार से हमला; 1 की हालत गंभीर सिवनी कोर्ट परिसर में न्यायाधीशों समेत 27 ने किया रक्तदान, वितरित किए प्रमाण पत्र पड़ोस में रहने आयी छात्रा से जान पहचान बना डिजिटल रेप करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार लोगों ने की आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग, टायर जलाकर की नारेबाजी 12 जुलाई को देवघर जाएंगे पीएम मोदी रिलायंस जिओ डीटीएच प्लान्स ऑफर और आवेदन की जानकारी | Reliance Jio DTH Setup Box Plan Offer Online Booking Information in hindi

एक दिन में हुए 30 अंतिम संस्कार, करना पड़ा 11 घंटे इंतजार

 ग्वालियर। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ, इंदौर, भोपाल की तरह ग्वालियर में भी कोरोना कहर बरपा रहा है। सोमवार की रात 9 बजे लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में कोरोना के 11 मरीजों के शव एक साथ जल रहे थे। इससे पहले सुबह मुक्तिधाम में 19 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका था। मुक्तिधाम में अब जगह कम पडने लगी है। दो शवों को बिना अंतिम संस्कार कराए वापस भेजना पडा। रात 9 बजकर 45 मिनट पर एक और शव प्राइवेट हास्पीटल से पहुंच गया।

सरकारी दावों और वास्तविक हकीकत को जानने के लिए नईदुनिया की टीम रात 9 बजे लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम पहुंची। यहां 9 चिताएं जमीन पर जलती मिलीं। जमीन पर जलती चिताओं के बारे में पूछने पर कर्मचारियों ने बताया कि यह सभी कोरोना पॉजीटिव मरीज थे। मुक्तिधाम में सोमवार को सुबह 6 बजे से ही कोरोना महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों के शव एंबुलेंस से आना शुरू हो गए थे। इसके बाद लगातार एंबुलेंस एक के बाद एक शवों को लेकर आती रहीं। पहले विद्युत शवदाह गृह एवं गैस शवदाह में इनका अंतिम संस्कार किया गया। सुबह 11 बजते-बजते शवों की कतार लग गई। जिसके कारण कर्मचारियों से मृतकों के परिजनों ने लकडी कंडाें से चिता जलाने का आग्रह किया। इसके बाद कर्मचारियों ने जमीन पर चिताएं जलाना शुरू कर दीं। रात 9 बजकर 15 मिनिट पर चंद्रप्रकाश खरे निवासी ठाटीपुर की अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की । इनका भी अंतिम संस्कार जमीन पर किया गया।

लाल हो गई शवदाह की दीवारेंः गैस शवदाह गृह में सुबह से शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, रात होते होते गैस शवदाह की दीवारें भी गर्मी के कारण लाल होने लगी थीं।

एक साथ जल रहीं थी आठ चिताएंः कोरोना महामारी से हुई मौत के बाद 18 मृतकों का अंतिम संस्कार लकडी कंडाें से किया गया, जबकि 12 लोगों का गैस शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया गया।

मुरार मुक्तिधाम में हो सकेगा कोरोना मृतकों का अंतिम संस्कारः कोरोना से मरने वालों की संख्या काफी अधिक पहुंच रही है, हालात यह है कि लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में जगह कम पड रही है। ऐसे हालात में अब नगर निगम ने मुरार मुक्तिधाम में भी कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार कराने की तैयारी कर ली है। नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने सोमवार को मुरार मुक्तिधाम का निरीक्षण किया और वहां पर नए 14 लकडी कंडाे से शवों को जलाने वाले स्थानों को कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वालाें के लिए चिन्हित करने का निर्देश दिया। साथ वहां पर गैस शवदाह गृह बनाने का भी निर्देश दिया है।

वर्जन

कोरोना के कारण काफी मौतें हो रही हैं, शवदाह गृह में अंतिम संस्कार पूरे नहीं हो सकेंगे। इसलिए कर्मचारियों को जमीन पर अंतिम संस्कार करने पड रहे हैं। स्थिति काफी खराब है, सभी को नियमों का पालन करना चाहिए और सुरक्षित रहना चाहिए।

शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त