छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने की अगवा किए गए एसआइ की हत्या, तीन दिन पहले किया था अपहरण

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा अपहृत सब इंस्पेक्टर (एसआइ) मुरली ताती की हत्या कर दी गर्इ। सूत्र बताते हैं कि अगवा एसआइ के बारे में फैसला नक्सलियों ने जनअदालत में किया। इसे बारे में जानकारी देते हुए बीजापुर के एसपी कमलोचन कश्यप ने बताया कि बीजापुर जिले के गंगालूर पुलिस स्टेशन की सीमा में 21 अप्रैल को नक्सलियों द्वारा अगवा किए गए सहायक पुलिस सब इंस्पेक्टर की हत्या कर दी गई है।

बीजापुर जिले से नक्सलियों ने पुलिस अधिकारी का तीन दिन पहले किया था अपहरण

एसआइ की पत्नी मैनो ताती दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर जगह-जगह गुहार लगा रही थी। गोंडवाना समाज के प्रतिनिधियों ने एसआइ की रिहाई के लिए मध्यस्थता का प्रस्ताव भेजा था। ज्ञात हो कि एसआइ मुरली ताती का बुधवार शाम जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के तुंगलवाया गांव से अपहरण हो गया था। बस्तर आइजी सुंदरराज पी ने बताया कि मुरली ने सलवा जुड़ूम के दौर में विशेष पुलिस अधिकारी के तौर पर काम शुरू किया था। बाद में वह सहायक आरक्षक बने और नक्सल मोर्चे पर लगातार बेहतर काम करके प्रमोट होते गए।

दो साल पहले सब इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोशन के बाद उनका स्थानांतरण बीजापुर से जगदलपुर किया गया था। स्वास्थ्य खराब होने की वजह से कुछ दिन पहले वह बीजापुर गए थे। बुधवार को अपने गांव पालनार जा रहे थे, तभी नक्सलियों ने उनका अपहरण कर लिया।

एसआइ के अपहरण की सूचना मिलने के अगले दिन स्थानीय पत्रकार और गोंडवाना समाज के प्रतिनिधि गंगालूर इलाके के जंगल गए थे, लेकिन नक्सलियों ने सभी को वापस लौटा दिया था। खबर थी कि नक्सली शुक्रवार को जनअदालत लगाकर एसआइ का फैसला करेंगे पर ऐसा नहीं हुआ।