रेलवे ने अब तक की 302 टन ऑक्सीजन की ढुलाई, पांच टैंकर ऑक्सीजन लेकर हवाई मार्ग से पहुंचे तेलंगाना

नई दिल्ली। मुंबई से 19 अप्रैल को पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन चलने के बाद से रेलवे ने अभी तक 302 टन से ज्यादा ऑक्सीजन की ढुलाई की है। जबकि 154 टन से ज्यादा ऑक्सीजन अभी रास्ते में है।

तीन टैंकरों में 44 टन ऑक्सीजन पहुंची मुंबई

रेलवे ने सोमवार को बताया कि एक ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन छत्तीसगढ़ में रायगढ़ से चार टैंकरों में ऑक्सीजन लेकर दिल्ली पहुंचेगी। वहीं महाराष्ट्र के नागरिकों के लिए एक ट्रेन गुजरात में हापा से तीन टैंकरों में करीब 44 टन ऑक्सीजन लेकर सोमवार को मुंबई पहुंच गई।

पांच टैंकरों में 90 टन ऑक्सीजन लेकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस 27 अप्रैल को पहुंचेगी लखनऊ

एक अन्य ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन झारखंड में बोकारो से पांच टैंकरों में करीब 90 टन ऑक्सीजन लेकर मंगलवार को लखनऊ पहुंचेगी। इसके बाद यह ट्रेन और ऑक्सीजन लाने के लिए बोकारो के लिए रवाना हो जाएगी।

ऑक्सीजन एक्सप्रेस के प्रत्येक टैंकर में करीब 16 टन ऑक्सीजन की ढुलाई की जा सकती है

रेलवे ने बताया कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस के प्रत्येक टैंकर में करीब 16 टन ऑक्सीजन की ढुलाई की जा सकती है। इन ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार करीब 65 किमी प्रति घंटा है।

दूसरी लहर में रेल आइसोलेशन कोचों में 81 मरीजों का इलाज

रेलवे ने सोमवार को बताया कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अभी तक नौ स्टेशनों पर रेल आइसोलेशन कोचों में करीब 81 मरीजों का इलाज किया गया है। इनमें से आठ मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। वर्तमान में ये कोच दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के नौ बड़े स्टेशनों पर लगाए गए हैं।

और भी हो रहे प्रयास

1- केंद्र ने पांच पूर्वोत्तर राज्यों में 13 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगाने का फैसला किया। तीन-तीन संयंत्र मेघालय, नगालैंड और मिजोरम में जबकि दो-दो संयंत्र अरुणाचल प्रदेश व मणिपुर में लगाए जाएंगे।

2- इस्पात संयंत्रों ने 24 अप्रैल के 2,894 टन के मुकाबले 25 अप्रैल को 3,131.84 टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की

3- इस्पात संयंत्रों ने लोगों का जीवन बचाने के लिए अपना ऑक्सीजन भंडारण 3.5 दिन से घटाकर आधे दिन का कर दिया है। ये संयंत्र आपात स्थिति के लिए यह भंडार रखते हैं।

4- पांच टैंकर ओडिशा स्थित सेल संयंत्र से मेडिकल ऑक्सीजन लेकर हवाई मार्ग से तेलंगाना पहुंचे। बाद में उन्हें विभिन्न अस्पतालों के लिए रवाना किया गया।