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केरल की पहली महिला डीजीपी ने अपनी ही पुलिस पर लगाया अनदेखी का आरोप, सुनाई आपबीती

तिरुअनंतपुरम। विगत वर्ष जून में केरल की पहली महिला पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बनकर दिसंबर में सेवानिवृत्त हो चुकीं आर श्रीलेखा ने अपनी ही पुलिस पर अनदेखी का आरोप लगाया है। राज्य की पूरी पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनके द्वारा की गई शिकायत का निवारण न कर जानबूझकर उसे लटकाया गया। उन्होंने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से लोगों के सामने रखा है। उन्होंने कहा है कि मैं राज्य की पूर्व डीजीपी हूं और पुलिस मेरी ही शिकायत का संज्ञान नहीं ले रही है।

अपने साथ हुई घटना का विस्तृत ब्योरा देते हुए कहा है कि वह एक आनलाइन कंपनी की ठगी का शिकार हुई हैं। छह अप्रैल को उन्होंने ब्लूटूथ ईयर फोन के लिए आनलाइन बुकिंग की थी। 14 अप्रैल को कंपनी द्वारा बताया गया कि उनका सामान भेजा जा रहा है। इसे गेट पर हमारे सहयोगी ने भुगतान कर प्राप्त भी कर लिया। कहा कि उस समय मैं आपरेशन के बाद आराम कर रही थी। मुझे पैकेट को खोलने का समय नहीं मिला। लेकिन बाद में जब मैंने पैकेट को खोला तो हैरान रह गई। उसमें टूटा हुआ ईयर फोन पड़ा था। जब इसकी शिकायत मैंने संबंधित कंपनी के कर्मचारी से की तो उसने नया ईयर फोन देने से मना कर दिया। उसने पैसे वापस करने से भी इन्कार कर दिया। उसने कहा कि आप इसके लिए पुलिस में शिकायत करने के लिए स्वतंत्र हैं।

इसके बाद मैंने तत्काल म्यूजियम पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी देनी चाही, लेकिन पुलिस अधिकारी ने व्यस्त होने का हवाला देकर बाद में फोन करने को कहा। बाद में पुलिस अधिकारी ने मुझे फोन कर मामले की जानकारी ली। मैंने तुरंत ईमेल कर अपनी शिकायत भी भेज दी, लेकिन कार्रवाई आज तक नहीं हुई। उन्होंने कहा कि क्या कोई मेरी इस बात पर विश्र्वास करेगा कि स्वयं मेरी ही शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जबकि, मैं राज्य पुलिस की मुखिया रह चुकी हूं।