ब्रेकिंग
ना बैनर लगाऊंगा, ना पोस्टर लगाऊंगा, ना ही किसी को एक कप चाय पिलाऊंगा, उसके बाद भी अगले लोकसभा चुनाव में भारी मतों से चुन कर आऊंगा, यह मेरा अहंकार नहीं... नए जिला बनाने पर बड़ा बयान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ऐसे बयान की किसी को नही थी उम्मीद छत्तीसगढ़ में लगातार पांचवे उपचुनाव में कांग्रेस जीती, भाटापारा मंडी में जमकर हुई आतिशबाजी, मंडी अध्यक्ष सुशील शर्मा ने कहा भानूप्रतापपुर की जीत मुख्य... 5 Reasons to Ask Someone to Write My Essay For Me 5 Reasons to Ask Someone to Write My Essay For Me Avast Password Off shoot For Stainless- Antivirus Review - How to Find the very best Antivirus Computer software आर्थिक आधार से गरीब लोगों के आरक्षण में कटौती के विरोध में आज भाटापारा अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय जाकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया Money Back Guarantee For Paper Writer विधानसभा विशेष सत्र। विधानसभा सत्तापक्ष पर जमकर बरसे विधायक शिवरतन शर्मा, आरक्षण रुकवाने जो लोग कोर्ट गए उन्हें मुख्यमंत्री जी पुरस्कृत करते हैं,सत्र ...

कोरोना से मृत्यु होने पर मंडी अधिकारियों और कर्मचारियों के आश्रितों को मिलेंगे 25 लाख

इंदौर। कोरोना महामारी को देखते हुए मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडी बोर्ड और मंडी समितियों के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस फैसले के तहत प्रदेश की विभिन्ना कृषि उपज मंडियों में कार्यरत और मंडी बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों की यदि कोरोना संक्रमण से मृत्यु होती है तो उनके आश्रित परिवार को क्षतिपूर्ति के रूप में 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह क्षतिपूर्ति राशि केवल कोरोना महामारी के संक्रमण से मृत्यु के मामले में ही दी जाएगी। साथ ही यह निर्णय एक अप्रैल से 31 जुलाई 2021 तक प्रभावशील रहेगा।

मंडी बोर्ड ने इसमें मंडी बोर्ड के मुख्यालय, मंडी बोर्ड के आंचलिक कार्यालयों, तकनीकी कार्यालयों और मंडी समितियों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही संविदा कर्मचारियों को शामिल किया है। क्षतिपूर्ति की यह राशि बोर्ड के भोपाल मुख्यालय से स्वीकृत की जाएगी। बोर्ड की प्रबंध संचालक प्रियंका दास ने बुधवार को इसके आदेश जारी किए।

कोरोना से लड़ते हुए इंदौर मंडी सचिव द्विवेदी का निधन

इस बीच मंडी बोर्ड के लिए एक बुरी खबर है। कोरोना से करीब दस दिन तक जंग लड़ते हुए इंदौर कृषि उपज मंडी सचिव राजेश द्विवेदी हार गए। अरबिंदो अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार सुबह उनका निधन हो गया। द्विवेदी 47 वर्ष के थे। कोरोना पाजिटिव होने के बाद वे 13 अप्रैल से अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन फेफड़ों में अधिक संक्रमण के कारण उनकी हालत गंभीर होती चली गई। द्विवेदी मूलत: रीवा निवासी थे और वे अकेले ही इंदौर रह रहे थे। बेटे और बेटी की पढ़ाई के लिए उनकी पत्नी सुनीता भोपाल में थीं। पति की बीमारी के कारण कुछ दिन पहले ही वे इंदौर आ गई थीं। उल्लेखनीय है कि द्विवेदी करीब छह महीने पहले सितंबर में ही मंडी सचिव होकर भोपाल से इंदौर आए थे। आते ही उन्होंने चोइथराम फल और सब्जी मंडी में काफी काम किया। मंडी के नाके पर व्यवस्था बदली और टैक्स चोरी रुकवाई। इससे मंडी की आय करोड़ों रुपये बढ़ी। उनके छोटे से कार्यकाल को भी मंडी में याद किया जाएगा।