शिशु भवन में दो दिनों तक नहीं मिला मरीजों को भोजन

बिलासपुर। मध्यनगरी चौक स्थित शिशु भवन में 40 बेड का कोविड अस्पताल संचालित है। यहां पिछले दो दिनों से मरीजों को भोजन नहीं दिया जा रहा था। मामले की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दखल देना पड़ा। इसके बाद बुधवार की शाम से मरीजों को भोजन उपलब्ध कराया गया।

महामारी के बीच शिशु भवन को कोविड अस्पताल में तब्दील किया गया है। यहां भर्ती मरीज भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायत कर रहे थे। किसी दिन नमक कम होना तो कभी सब्जी ठीक से पकी नहीं होती थी। समस्या को दूर करने के बजाय अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था बंद करा दी।

साथ ही स्वजन को घर से भोजन लाने को कहा गया। पिछले दो दिनों से भोजन के साथ नाश्ता भी मरीजों को नहीं दिया जा रहा था। जबकि कोरोना प्रोटोकाल के तहत मरीज को सुबह शाम के नाश्ता के साथ दो समय का भोजन देना जरूरी है। भोजन नहीं मिलने पर कुछ मरीज के स्वजन ने इसकी शिकायत सीएमएचओ कार्यालय में की।

मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने तत्काल अस्पताल प्रबन्धन से संपर्क कर कोरोना प्रोटोकाल के तहत भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में शिशु भवन के संचालक डा. श्रीकांत गिरी से संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसकी वजह से उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।

कोरोना में खाली पेट रहना घातक

डाक्टरों के मुताबिक कोरोना मरीजों का खाली पेट रहना घातक है। खाली पेट रहने से शरीर में कमजोरी आ जाती है। ऐसे में वायरस और भी तेज गति से हमला करने लगता है। इसके गंभीर परिणाम भी आ सकते हैं।

यह देना है भोजन में

कोरोना मरीजों का डाइट भी तय है। इसमें मरीज को दो रोटी, चावल, सब्जी, दाल और सलाद देना है। इसके अलावा सुबह शाम चाय व नाश्ता भी देना जरूरी है। लेकिन कई अस्पतालों में कोरोना डाइट का पालन नहीं किया जा रहा है।